Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

यूनुस का दावा, PM मोदी से शेख हसीना के बयानों पर लगाम लगाने की मांग की तो जवाब मिला- सोशल मीडिया पर हमारा ज़ोर नहीं

मोहम्मद यूनुस ने भारत और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर एक बड़ा बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. यूनुस ने आरोप लगाया कि शेख हसीना भारत में रहकर जो बयान दे रही हैं, उससे बांग्लादेश में आक्रोश फैल रहा है और माहौल अस्थिर हो रहा है.

Loading Ad...

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस इन दिनों देश में गहराते राजनीतिक संकट और अस्थिरता का सामना कर रहे हैं. आम चुनाव कराने को लेकर जहां विपक्षी राजनीतिक दलों का दबाव बढ़ रहा है, वहीं सेना की ओर से भी उन्हें जल्द चुनाव की दिशा में कदम उठाने के लिए संकेत दिए जा रहे हैं. इस बीच मोहम्मद यूनुस ने भारत और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर एक बड़ा बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. यूनुस ने आरोप लगाया कि शेख हसीना भारत में रहकर जो बयान दे रही हैं, उससे बांग्लादेश में आक्रोश फैल रहा है और माहौल अस्थिर हो रहा है.

शेख हसीना को लेकर देश में गुस्सा: यूनुस 
मोहम्मद यूनुस ने यह बयान लंदन स्थित चैथम हाउस में आयोजित एक इंटरैक्टिव सत्र के दौरान दिया. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले को सोशल मीडिया का मामूली मुद्दा बताकर नजरअंदाज़ कर दिया, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है. इंटरैक्टिव कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद यूनुस ने कहा,"5 अगस्त को बांग्लादेश से सरकार गायब हो गई. इसलिए ग़ुस्सा वहीं था. लेकिन अब यह ग़ुस्सा भारत की ओर ट्रांसफर हो गया है क्योंकि शेख हसीना वहां मौजूद हैं.” यूनुस ने बताया कि जब उन्हें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने का मौका मिला, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर आप उनकी मेजबानी करना चाहते हैं, तो जरूर करें, मैं आपको आपकी नीति बदलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. लेकिन कृपया यह सुनिश्चित करने में हमारी मदद करें कि वह बांग्लादेशी जनता से उस तरह से बात न करें जैसा वह कर रही हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि शेख हसीना बार-बार ऐसे बयान दे रही हैं जिससे पूरा बांग्लादेश "बहुत ग़ुस्सा" हो जाता है.यूनुस ने सवाल उठाया कि अब वह हमारे अंदर इतना ग़ुस्सा क्यों भर रही हैं? इस पर, यूनुस के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब दिया, "यह सोशल मीडिया है, इसे कंट्रोल नहीं किया जा सकता.” यूनुस ने मोदी के इस जवाब पर असहमति जताते हुए कहा, "अब मैं क्या कहूं? यह एक विस्फोटक स्थिति है, और इसे सिर्फ सोशल मीडिया कहकर नजरंदाज नहीं किया जा सकता.”

बांग्लादेश में अगले साल अप्रैल में होंगे आम चुनाव
बांग्लादेश में लंबे समय से आम चुनाव की तारीख को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने स्पष्ट कर दिया है कि आम चुनाव अगले साल अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने यह घोषणा ईद-उल-अजहा की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान की. यूनुस ने बताया कि चुनाव के आयोजन के लिए चुनाव आयोग जल्द ही विस्तृत रोडमैप जारी करेगा, ताकि सभी चरणों की पारदर्शी और व्यवस्थित तैयारी सुनिश्चित की जा सके. अपने संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने कहा कि वर्तमान अंतरिम सरकार ने तीन मुख्य उद्देश्यों सुधार, चुनाव और न्याय के तहत जिम्मेदारी संभाली है. उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से परामर्श कर रही है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगामी चुनाव "देश के इतिहास में सबसे स्वतंत्र, निष्पक्ष, प्रतिस्पर्धी और स्वीकार्य" हों. यूनुस की इस घोषणा को राजनीतिक स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, खासकर तब जब देश में विपक्ष और सेना की ओर से समयबद्ध चुनाव कराने को लेकर दबाव बढ़ रहा था. उनकी घोषणा से चुनाव की टाइमलाइन को लेकर महीनों से जारी राजनीतिक खींचतान और अनिश्चितता का अंत होता दिख रहा है.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

गौररतलब मोहम्मद यूनुस के इस बयान को लेकर विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान भारत-बांग्लादेश संबंधों को और संवेदनशील बना सकता है, खासकर तब जब बांग्लादेश में आम चुनाव को लेकर भारी खींचतान और अस्थिरता बनी हुई है. यूनुस के इस बयान पर अब तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. बांग्लादेश में वर्तमान राजनीतिक माहौल और भारत के साथ उसकी द्विपक्षीय साझेदारी पर इस बयान का क्या असर होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो पाएगा. 

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...