मोजतबा ने छोड़ा तेहरान, रूस में ली शरण! क्या युद्ध में हो गई पुतिन की एंट्री? रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा
अमेरिका और इजरायल ईरान के नए सुप्रीम लीडर को ढूंढ रहे हैं इस बीच खबर आ रही है कि रूस ने मोजतबा खामेनेई को शरण दे दी है. पेजेश्कियान और पुतिन के बीच बातचीत के बाद खामेनेई को मॉस्को शिफ्ट किया गया.
Iran-US War: ईरान के नए सुप्रीम लीडर और अयातुल्लाह खामेनेई के बेटे मोजतबा को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नया दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ‘सुनने में आया है कि मोजतबा खामेनेई जिंदा नहीं हैं.’ ट्रंप ने ये भी कहा है कि अगर मोजतबा जिंदा हैं तो वह सरेंडर कर दें, ईरान के पास देश चलाने के लिए कई काबिल लोग हैं.
‘मोजतबा का पता बताओ और 10 मिलियन डॉलर का ईनाम पाओ’ अमेरिका ने ये ऐलान ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर किया है. जंग के बीच इजरायल और अमेरिका मोजतबा के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं. राष्ट्रपति ट्रंप तो उनकी मौत का दावा तक कर चुके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कहां हैं मोजतबा? अब कुवैत के न्यूजपेपर अल जरीदा ने मोजतबा की मौजूदगी को लेकर सनसनीखेज दावा किया है. ऐसा दावा जो इस युद्ध की दिशा मोड़ सकता है.
रूस पहुंचे मोजतबा खामेनेई?
अखबार अल जरीदा की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई अपने देश में ही नहीं हैं. अखबार ने मोजतबा के रूस जाने का दावा किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा को स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से एक बेहद गुप्त अभियान में रूस ले जाया गया.
अल जरीदा की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा रूसी सैन्य विमान से रूस पहुंचे हैं. जहां उनका इलाज चल रहा है. जिसमें उनका एक ऑपरेशन भी शामिल है. मोजतबा की सेहत से जुड़ी चिंताओं के चलते यह कदम उठाया गया है. दरअसल, हालिया रिपोर्ट्स में मोजतबा की सेहत को लेकर कई दावे सामने आए हैं. जिनमें उनके चोट लगने और कोमा में जाने तक के दावे हैं. हालांकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि मोजतबा खामेनेई बिल्कुल ठीक हैं.
पुतिन और पेजेश्कियान के बीच हुई बातचीत
रिपोर्ट्स में बताया गया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच बातचीत हुई थी. इस दौरान मोजतबा की सुरक्षा चिंताओं पर भी चर्चा हुई. ईरान में भीषण बमबारी के बीच मोजतबा को इलाज के लिए मॉस्को भेजे जाने पर बात की गई. पुतिन ने पेजेश्कियान से खामेनेई को मॉस्को में शरण देने की पेशकश की थी. मॉस्को पहुंचने के बाद मोजतबा की सर्जरी और इलाज हुआ.
ट्रंप ने जताई थी मोजतबा की मौत की आशंका
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई के ईरान में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए थे. एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, मुझे नहीं पता कि वह (मोजतबा) जिंदा भी हैं या नहीं. अभी तक किसी ने उन्हें दिखाया नहीं है. मैं सुन रहा हूं कि शायद वह जिंदा नहीं हैं. अगर वह जिंदा हैं तो उन्हें अपने देश के लिए समझदारी दिखाते हुए आत्मसमर्पण कर देना चाहिए.’
अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई पर भारी इनाम की घोषणा भी की थी. ये ईनाम राशि 10 मिलियन डॉलर यानी लगभग 92 करोड़ 47 लाख रुपये है. जो शख्स ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में ठोस जानकारी देगा. गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी से जंग जारी है. इस जंग में 2,209 लोगों की मौत हो चुकी है.
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