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ईरान की राजनीति में बड़ा उलटफेर, क्या राष्ट्रपति पेजेशकियान ने छोड़ दी कुर्सी? ईरानी अधिकारियों ने बताया सच

दावा किया गया कि इस्तीफा के साथ पेजेशकियान ने देश में सेना के कंट्रोल का जिक्र किया. उन्होंने लिखा, देश की सत्ता पर अब पूरी तरह IRGC के कमांडरों का कंट्रोल है.

Image Source- Xinhua via IANS
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Masoud Pezeshkian News: ईरान और अमेरिका के बीच अभी भी जंग जारी है. अमेरिका ने ईरान में ड्रोन कंट्रोल साइट्स को निशाना बनाया है. US ने इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम करार दिया है. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ईरानी लीडरशिप में हड़कंप मचा दिया है. दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति पेजेशकियान ने इस्तीफा दे दिया. 

राष्ट्रपति के इस्तीफे का दावा ईरानी मीडिया ने किया है. ‘ईरान इंटरनेशनल' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि मसूद पेजेश्कियान (Masoud Pezeshkian) ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा के साथ उन्होंने ये लिखा है कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह IRGC के कमांडरों का कंट्रोल है. हालांकि, प्रेसिडेंट कार्यालय ने इस दावे के पीछे का पूरा सच बता दिया है. 

दावे पर ईरानी ऑफिसर ने क्या कहा? 

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ईरान के संचार और सूचना प्रसार विभाग के डिप्टी चीफ सैयद मेहदी तबातबाई ने इस दावे को अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया. सरकारी अधिकारियों ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के इस्तीफ़े की ख़बर को अफवाह बताया है.

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बीबीसी फ़ारसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान के सरकारी अफ़सरों ने ऐसी रिपोर्ट्स को निराशा फैलाने वाली फ़ेक न्यूज़ क़रार दिया है. सरकारी प्रवक्ता फ़ातिमेह मोहजेरानी, इलियास हज़राती और अली अहमदनिया राष्ट्रपति पेजेशकियान को लेकर जानकारी दी. तीनों ने अलग-अलग पोस्ट में राष्ट्रपति के काम जारी रहने और 'देश की समस्याओं को हल करने की कोशिशों' का ज़िक्र किया.

ईरानी अधिकारियों ने मौखिक रूप से ही नहीं बल्कि पेजेशकियान के वीडियो भी जारी किए. जिनमें पेज़ेशकियान की मौजूदगी नज़र आ रही है. वे अलग-अलग कार्यक्रमों में भाषण देते हुए दिखाई दे रहे हैं.

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इससे पहले ईरान की मीडिया में पेजेश्कियान की इस्तीफें की खबरें चल रही थीं. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इंटरनेशनल ने बताया था कि पेजेशकियान ने इस्तीफे में कहा था, ‘राष्ट्रपति और उनकी सरकार को ईरान में बड़े फैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा गया था.’

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इस रिपोर्ट में आगे कहा गया था कि ईरान में युद्ध के बाद पैदा हुए खालीपन का फ़ायदा उठाकर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भीतर के कट्टरपंथी गुटों ने अहम मामलों पर अपना कब्जा जमा लिया है. इससे ईरान की सरकार चलाना मुश्किल हो रहा था. दावा किया गया था कि अपने इस्तीफे के साथ पेजेशकियान ने यह भी लिखा कि हालात ठीक नहीं हैं. वह न तो ठीक से शासन चला पा रहे हैं और न ही अपनी कानूनी जिम्मेदारियां पूरी कर पा रहे हैं. इसलिए उन्होंने तुरंत अपने पद से हटने की गुजारिश की है. 

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