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अमेरिका से जंग खत्म करने के लिए ईरान ने रख दीं 7 शर्तें, ट्रंप नहीं मानें तो दी 'निर्णायक जंग' की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं. इनमें सैन्य कार्रवाई रोकना, फ्रीज फंड जारी करना और समुद्री नाकेबंदी हटाना शामिल है. कतर के जरिए शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई गई हैं और अब ईरान ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है.
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा दिया है. इसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्वपूर्ण मार्ग भी प्रभावित हुआ है. दुनिया के तमाम देश चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध पूरी तरह खत्म हो और स्थिति सामान्य हो, लेकिन अमेरिका अपने रुख पर अड़ा हुआ है. वहीं, ईरान भी झुककर कोई समझौता करने को तैयार नहीं है. इस बीच रविवार को खबर सामने आई है कि ईरान ने अमेरिका के साथ जारी जंग को खत्म करने के लिए सात शर्तें रखी हैं. ईरान की इन शर्तों को कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है. इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता है, तो तेहरान आगे एक निर्णायक जंग के लिए तैयार है.
दरअसल, ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी जो शर्तें अमेरिका के सामने रखी हैं. इनमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकना, रोकी गई ईरानी धनराशि को जारी करना और समुद्री नाकेबंदी को खत्म करना प्रमुख मांगें शामिल हैं. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेज़ाई के मुताबिक, कतर के माध्यम से तेहरान की ये शर्तें अमेरिकी पक्ष तक पहुंचा दी गई हैं. अब ईरान की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया पर है.
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ट्रंप के जवाब का हमें इंतज़ार: मोहसिन रेज़ाई
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रिपोर्ट के अनुसार, मोहसिन रेज़ाई ने बताया कि ईरान कतर के संपर्क में बना हुआ है और अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है. उन्होंने कहा कि तेहरान ने बातचीत आगे बढ़ाने के लिए सात शर्तें सामने रखी हैं. इनमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकना, रोकी गई ईरानी धनराशि को मुक्त करना और समुद्री नाकेबंदी समाप्त करना प्रमुख हैं. रेज़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि अमेरिका के साथ वार्ता शुरू करने के लिए ईरान ने ये शर्तें तय की हैं और उसका रुख पूरी तरह स्पष्ट है. रेज़ाई के मुताबिक, इन मांगों को स्वीकार करना अमेरिका के हित में होगा. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की ओर से दी जा रही धमकियों का कोई असर नहीं पड़ेगा और जरूरत पड़ने पर ईरान निर्णायक संघर्ष के लिए भी तैयार है. गौरतलब है कि पिछले महीने एक समझौते (MoU) की तय अवधि समाप्त होने के बाद से कतर और पाकिस्तान, ईरान तथा अमेरिका के बीच दोबारा बातचीत शुरू कराने के प्रयासों में जुटे हैं.
Iran | Mohsen Rezaei, Secretary of Iran's Supreme National Security Council, announced that Iran has delivered 7 clear and unambiguous conditions to the United States government as a prerequisite for opening any diplomatic talks.
Taking to the social media platform X, the top… pic.twitter.com/COj85C43OJ— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 19, 2026Advertisement
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निर्णायक जंग के लिए तैयार ईरान
मोहसिन रेज़ाई ने कहा कि ईरान किसी भी संभावित स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने दावा किया कि तेहरान ने अपनी सैन्य रणनीति में भी जरूरी बदलाव किए हैं. रेज़ाई के मुताबिक, ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी पोत या एयरक्राफ्ट कैरियर के नजदीक मल्टी-वॉरहेड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण भी किया है. वहीं, ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने चेतावनी दी है कि भविष्य में होने वाली किसी भी जवाबी कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा हो सकता है. जब रेज़ाई से पूछा गया कि क्या यह जंग जल्द समाप्त हो सकती है, तो उन्होंने कहा कि व्यावहारिक तौर पर संघर्ष अभी जारी है. उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान ऐसी रणनीति तैयार करने में जुटा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा टकराव को जल्द से जल्द खत्म करना है.
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बहरहाल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बजाय बातचीत और सैन्य दबाव के बीच उलझा हुआ नजर आ रहा है. ईरान ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं और अब उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार है. ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ती है या संघर्ष और तेज होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.