Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

अल्बानिया ने किया मुस्लिम देश बनाने का ऐलान, मौलवी की शुरू की तैयारी !

एक मुस्लिम मौलवी ने अल्बानिया की राजधानी तिराना में एक सबसे छोटे मुस्लिम देश बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये दुनिया का सबसे छोटा मुस्लिम देश होगा। यहीं से मुस्लिमों से जुड़े मामलों को डील किया जाएगा।

Loading Ad...
दुनिया में एक और मुस्लिम देश बनाने की तैयारी चल रही है। वेटिकन सिटी को अभी तक दुनिया का सबसे छोटा देश माना जाता है। यहां पर ईसाई धर्म के सबसे बड़े नेता पोप बैठते हैं। ईसाई धर्म से जुड़े बड़े फैसला यहीं पर होते हैं। अब उसी की तर्ज पर दुनिया में एक मुस्लिम देश बनाने की तैयारी चल रही है। एक मुस्लिम मौलवी ने अल्बानिया की राजधानी तिराना में एक सबसे छोटे मुस्लिम देश बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये दुनिया का सबसे छोटा मुस्लिम देश होगा ।यहीं से मुस्लिमों से जुड़े मामलों को डील किया जाएगा। मुस्लिम देश के बारे में बताते हुए अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा ने बताया कि उनके देश की राजधानी तिराना में इस देश को बनाया जाएगा, जिसके अंदर बेक्ताशी परंपरा के नियमों और आदेशों का पालन किया जाएगा। यह नियम और आदेश तुर्की में 13वीं शताब्दी में स्थापित एक शिया सूफी समुदाय द्वारा तय किए गए थे।


ये नया मुस्लिम देश करीब 27 एकड़ में बनाया जाएगा। जो अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क के 5 ब्लॉक जितना होगा ख़ास बात ये है कि इस देश में महिलाओं को पूरी आजादी रहेगी। इसके साथ ही इस देश में मुस्लिम महिलाएं जो पहनना चाहें वो पहन सकेंगी। यहां लोग शराब भी पी सकेंगे। इस देश की अपनी सीमाएं होंगी और इस देश के लोगों को पासपोर्ट दिए जाएंगे। अलग से सरकार होगी और अलग कानून बनाए जाएंगे।


अलबानिया के प्रधानमंत्री रामा कहते हैं कि अलबानिया में बेक्ताशी परंपरा के लीडर बाबा मोंडी हैं, जो अलबानिया की सेना में रहकर देश सेवा कर चुके हैं। आज वे हाजी डेडे बाबा नाम से दुनियाभर के मुसलमानों में विख्यात हैं। वहीं इस मुस्लिम देश को बनाने का मकसद इस्लाम के एक सहिष्णु वर्जन को बढ़ावा देना है, जिस पर अल्बानिया गर्व करता है। इस्लाम के उदारवादी चेहरे से दुनिया को अवगत कराना है। बेक्ताशी का इतिहास 13वीं शताब्दी के ओटोमन साम्राज्य से जुड़ा है, लेकिन एक शताब्दी पहले, तुर्की गणराज्य के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क को तुर्की में बैन कर दिया गया। इसके बाद बेक्ताशी का मुख्यालय तिराना में स्थानांतरित हो गया। बेक्ताशी संप्रदाय की अलबानिया में एक लंबी रहस्यवादी परंपरा है।

नया देश बनाने वाले मौलवी 65 साल की उम्र के हैं और वह अल्बानिया की सेना में भी रह चुके हैं। दुनिया के लाखों मुसलमान के बीच वह लोकप्रिय भी हैं। नया देश सूफी परंपरा से जुड़े बेकटाशी ऑर्डर से संचालित होगा। इसकी जड़े तुर्की में पाई गई थीं। हालांकि अब इस समुदाय का बेस अल्बानिया में है। अल्बानिया के प्रधानमंत्री का कहना है कि हम नया मुस्लिम देश इसलिए बना रहे हैं, ताकि हमारे इस्लाम के उदारवादी चेहरे को दुनिया के सामने रखा जा सके।
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...