असली हैं या नकली? चुटकियों में पकड़ें Green पटाखों की पहचान, बस करना होगा ये काम
Diwali Green Cracker: ग्रीन पटाखे ऐसे पटाखे होते हैं जिन्हें सामान्य पटाखों के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से बनाया जाता है..इन्हें तैयार करते समय धुएं और हानिकारक गैसों के उत्सर्जन को कम करने की कोशिश की जाती है.
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Diwali 2026: दिवाली का त्योहार हो और पटाखों की बात न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है...हर साल लोग दिवाली पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ पटाखे जलाकर त्योहार मनाते हैं... लेकिन दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इस बार पटाखे खरीदते समय थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, यहां केवल तय नियमों के तहत मंजूर ग्रीन पटाखों की ही बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति ह.... ऐसे में बाजार में पटाखे खरीदने जाएं, तो सिर्फ उनकी पैकिंग या कीमत देखकर भरोसा न करें.. कई बार सामान्य पटाखों को भी ग्रीन पटाखे बताकर बेचा जा सकता है... अच्छी बात यह है कि आप पैकेट पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके उनकी असलियत जांच सकते हैं...
क्या होते हैं ग्रीन पटाखे?
ग्रीन पटाखे ऐसे पटाखे होते हैं जिन्हें सामान्य पटाखों के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से बनाया जाता है..इन्हें तैयार करते समय धुएं और हानिकारक गैसों के उत्सर्जन को कम करने की कोशिश की जाती है...CSIR-NEERI ने ग्रीन पटाखों की SWAS, SAFAL और STAR जैसी कैटेगरी बनाई हैं.. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन पटाखों से बिल्कुल प्रदूषण नहीं होता है.
QR कोड स्कैन करके ऐसे पहचानें असली पटाखे
पटाखे खरीदने से पहले उनके पैकेट पर मौजूद QR कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करें.. इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को ध्यान से पढ़ें.. इसमें पटाखे बनाने वाली कंपनी का नाम, CSIR-NEERI रजिस्ट्रेशन नंबर, PESO लाइसेंस, प्रोडक्ट का बैच नंबर और टेस्ट सर्टिफिकेट जैसी जानकारियां होनी चाहिए..
इन जानकारियों को पटाखे के पैकेट पर लिखी डिटेल्स से भी मिलाएं...अगर QR कोड स्कैन करने पर जरूरी जानकारी नहीं मिलती या पैकेट और ऑनलाइन दिखाई गई डिटेल्स में अंतर है, तो ऐसे पटाखे खरीदने से बचें.. याद रखें कि केवल हरे रंग का लोगो या QR कोड लगा होने से कोई पटाखा असली ग्रीन क्रैकर नहीं बन जाता..
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पटाखे खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
हमेशा लाइसेंस प्राप्त और भरोसेमंद दुकानदार से ही पटाखे खरीदें.
खरीदने से पहले पैकेट की सील और पैकिंग अच्छी तरह जांच लें.
QR कोड स्कैन करके कंपनी और सर्टिफिकेशन की जानकारी जरूर देखें.
प्रतिबंधित पटाखे और लंबी लड़ियां खरीदने से बचें.
दुकानदार से खरीदारी का पक्का बिल लेना न भूलें.
दिल्ली-NCR में पटाखों को लेकर क्या हैं नियम?
सुप्रीम कोर्ट के 29 अक्टूबर 2026 के आदेश के मुताबिक, दिल्ली-NCR में केवल तय समय के दौरान स्वीकृत ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति है.बेरियम वाले पटाखों और लड़ियों पर प्रतिबंध है, इसके अलावा ऑनलाइन पटाखे बेचने की भी अनुमति नहीं है... 9 नवंबर 2026 से पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा.
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इसलिए दिवाली की खरीदारी के दौरान थोड़ी सावधानी जरूर बरतें. ग्रीन पटाखे भी पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं होते. पटाखे जलाते समय बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित दूरी पर रखें और सांस की परेशानी से जूझ रहे लोगों का खास ध्यान रखें.