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BRICS में पति संग पहुंची ईरानी राष्ट्रपति की बेटी जहरा पेजेश्कियान, भारतीय स्टॉल पर टिकी निगाहें, Viral हो गया अंदाज, Video
जहरा पेजेश्कियान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की इकलौती बेटी हैं. उन्होंने शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री हासिल की है. नई दिल्ली में जहरा ने BRICS बाजार का दौरा किया.
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BRICS समिट में भारत के मेहमान बने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की बेटी जहरा भी उनके साथ पहुंची. जहरा और उनके पति हसन मजीदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स बाजार का दौरा किया. उन्होंने ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों की कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती शानदार प्रदर्शनी देखी.
जहरा पेजेश्कियान और हसन मजीदी के साथ महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी मौजूद थीं. इस दौरान वो विभिन्न स्टॉल्स पर मौजूद कारीगरों और शिल्पकारों से बात करती नजर आईं.
भारतीय कला संस्कृति की मुरीद हुईं जहरा
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उन्होंने ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के कई पवेलियन देखे, जिनमें भारतीय पवेलियन भी शामिल था, साथ ही, उन्होंने सभी देशों की पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखी. ब्रिक्स बाजार सदस्य और सहयोगी देशों के कारीगरों, डिजाइनरों और क्रिएटिव उद्यमों को एक मंच पर लाने का प्रयास है. इसके जरिए इन देशों की विविध संस्कृतियों और रचनात्मकता से साक्षात्कार होता है.
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BRICS समिट में भारत के मेहमान बने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की बेटी जहरा भी उनके साथ पहुंची. जहरा और उनके पति हसन मजीदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स बाजार का दौरा किया. #BRICS #BRICSSummit #Iran pic.twitter.com/OebIQL3mdN
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 12, 2026
यह बाजार आने वालों को असल शिल्प, हथकरघा, टेक्सटाइल, कलाकृतियों और कई अन्य उत्पादों को देखने का मौका देता है, जो भाग लेने वाले देशों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाते हैं. यहां ईरानी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले दो स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिनमें देश की पारंपरिक कढ़ाई और हस्तशिल्प विरासत को दिखाया गया है.
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ईरानी स्टॉल्स पर देखी ‘दोच’ कढ़ाई
ईरानी स्टॉल्स में से एक बलोची कढ़ाई को प्रदर्शित करता है. इसे नादिया करीमी ने लगाया है. बलोची कढ़ाई, जिसे स्थानीय भाषा में ‘दोच’ (जिसका अर्थ है सिलाई या सुई का काम) कहा जाता है, एक प्राचीन और बारीक हाथ की सिलाई वाली कला है। इसे पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान में फैले बलूचिस्तान क्षेत्र की महिलाएं करती हैं.
करीमी पारंपरिक बलोची कढ़ाई तकनीक को आधुनिक डिजाइनों के साथ मिलाती हैं, ताकि सदियों पुरानी इस कला को आधुनिक रूप दिया जा सके. उन्होंने हाल ही में कनाडा में 'तारन' नाम का एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड शुरू किया है, जो ईरानी कला और उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करता है.
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ईरान का दूसरा स्टॉल आमनेह सेदिघी ने लगाया है, जिसमें रश्ती कढ़ाई और ईरानी सुई के काम के अन्य रूप दिखाए गए हैं. इस कला में पारंपरिक ईरानी सुई का काम और कढ़ाई शामिल है, खासकर रश्ती कढ़ाई (जिसे रश्ती-दूजी भी कहा जाता है) और साथ ही शीशे का काम (जिसे आईनेह-दूजी कहा जाता है).
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रश्त के हस्तशिल्प को आधुनिक रोजमर्रा के उत्पादों, जैसे कपड़े, जूते और सैंडल, में बदला गया है, जबकि इस क्षेत्र की पारंपरिक कलात्मक विरासत की खूबियों को भी बनाए रखा गया है.
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जहरा पेजेश्कियान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की इकलौती बेटी हैं. उन्होंने शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री ली है. वे केमिकल इंजीनियर हैं और जाम पेट्रोकेमिकल कंपनी (Jam Petrochemical Complex) में काम करती हैं.