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तो काउंटिंग पर लग जाएगी रोक… DUSU चुनाव में हिंसा पर हाई कोर्ट की कड़ी फटकार, यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांगा जवाब
एडवोकेट प्रशांत मनचंदा ने कहा, ‘अदालत ने इस चुनाव के मद्देनजर साल 2025 में ही कुछ निर्देश जारी किए थे. इसके बावजूद कैंपस के अंदर मारपीट की गई.'
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव से पहले हाई कोर्ट ने छात्र संगठनों को कड़ी फटकार लगाई है. चुनाव कैंपेन में हिंसा को लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताई है. अदालत ने कहा लोकतंत्र को अपराधियों का समाज नहीं बनाया जा सकता.
इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने DU प्रशासन, दिल्ली पुलिस और सरकार से 18 सितंबर यानी चुनाव वाले दिन तक रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने यह भी चेतावनी भी दी कि अगर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई संतोषजनक नहीं हुई तो चुनाव के नतीजों की घोषणा और काउंटिंग पर रोक लगा दी जाएगी.
हिंसा के खिलाफ दायर याचिका
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दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा और गुंडागर्दी से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई की थी. याचिकाकर्ता और एडवोकेट प्रशांत मनचंदा ने कहा, ‘अदालत ने इस चुनाव के मद्देनजर साल 2025 में ही कुछ निर्देश जारी किए थे. इस याचिका के लंबित होने के बावजूद, बुधवार को कुछ उम्मीदवारों के साथ मिलकर उपद्रवियों ने पूरे DU कैंपस इलाके पर कब्जा कर लिया और मारपीट की गई.’ याचिकाकर्ता ने कहा कि छात्रों और उपद्रवियों के पास बंदूकें और पेचकस थे. इस घटना में प्रोफेसरों के साथ भी मारपीट की गई है.
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ABVP और NSUI में झड़प
DUSU में 18 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव होंगे. इससे पहले 16 सितंबर को चुनाव प्रचार थम गया. जबकि नतीजे 19 सितंबर को आएंगे. इसी बीच बुधवार रात नॉर्थ कैंपस में छात्रों के दो गुटों ABVP और NSUI के बीच झड़प हो गई थी. दोनों ने एक दूसरे के सदस्यों पर अलग-अलग जगह हमले के आरोप लगाए थे. ABVP ने आरोप लगाया था कि लॉ सेंटर-1 के बाहर कांग्रेस और यूथ कांग्रेस और NSUI के लोगों ने उनके सदस्य पर जानलेवा हमला किया था.
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NSUI ने क्या कहा?
वहीं, NSUI ने भी ABVP पर हिंसक हमले के आरोप लगाए. संगठन ने कहा कि मोतीलाल नेहरू कॉलेज के बाहर उसके आदिवासी छात्र सदस्य पर ABVP से जुड़े लोगों ने हमला किया था. NSUI ने इसकी जांच की मांग भी की.
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