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‘बीमारू नहीं था यूपी, बीमार थी पुरानी शासन व्यवस्था की मानसिकता’, योगी का विपक्ष पर हमला

सीएम योगी ने कहा कि 9 लाख से अधिक युवाओं को प्रदेश में सरकारी नौकरी दी गई. अकेले यूपी पुलिस में 2 लाख 25 हजार से अधिक भर्तियां की गईं. यूपी पुलिस में 2017 के पहले केवल 10 हजार महिला पुलिसकार्मिक थीं, जिनकी संख्या अब 45 हजार हो गई है.

Image Credit: UP Information Department
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है, वे देश की अस्मिता व आस्था पर लगातार प्रहार कर रहे हैं. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हुए हैं. लेकिन, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ में जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं, हिंदू धामों पर प्रहार कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करते थे. सीएम ने जनता से राष्ट्रीय मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी ताकतों से सजग रहने की अपील की.  

मुख्यमंत्री मंगलवार को लखनऊ में 'रिपब्लिक भारत' न्यूज़ चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'ऊंचाइयों पर यूपी' को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर उन्होंने पिछले 9 वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में आए युगांतकारी परिवर्तनों और उपलब्धियों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के दृढ़ संकल्प से आज उत्तर प्रदेश 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है.  

बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री योगी

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बेटियों को यूपी से बाहर भेज देते थे लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले हर तीसरे दिन दंगा होता था, महीनों तक कर्फ्यू रहता था. बेटी व व्यापारी सुरक्षित नहीं थे. 35 से ज्यादा ऐसे जनपद थे, जहां लोगों ने बेटी को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदार के घर भेजकर पढ़ाई कराई. अन्य लोग बेटियों की सुरक्षा के लिए उन्हें स्कूल भेजना ही बंद कर देते थे. व्यापारी को पता नहीं होता था कि घर लौट पाएगा या नहीं. किसान अपने खेत में जाने से डरता था.

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विस्फोटों से जुड़ता था यूपी का नाम
सीएम ने कहा कि उस वक्त देश में कहीं विस्फोट होता था, तो यूपी का नाम जुड़ता था. पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था. माफियाओं के सामने सरकारें नतमस्तक होकर नाक रगड़ती थीं. नई पीढ़ी को यह जानकारी देने की आवश्यकता है. लेकिन, पिछले 9 वर्षों में हमारी पहचान दंगा, कर्फ्यू और उपद्रवमुक्त उत्तर प्रदेश के रूप में बनी है. उत्तर प्रदेश में अब बेटी, व्यापारी समेत हर व्यक्ति सुरक्षित है.

यूपी को मिले 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का वातावरण नहीं बना होता तो कोई निवेशक यूपी में नहीं आता. हमने 2017 अक्टूबर में इन्वेस्टर समिट की योजना बनाई और इसके लिए पॉलिसी तैयार की. नतीजा यह कि यूपी को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिसमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतारे जा चुके हैं. 2017 के पहले लखनऊ की चिकनकारी, फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का पीतल, मेरठ का स्पोर्ट्स, भदोही का कालीन व बनारस का साड़ी उद्योग दम तोड़ रहा था. उद्यमियों व कारोबारियों के पास घर बैठने के सिवा कोई चारा नहीं था. डबल इंजन सरकार बनी तो हमने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के रूप में इनकी ब्रांडिंग की. 75 जिलों के 79 उत्पादों को जीआई टैग के साथ जोड़ा गया है. ओडीओपी के तहत वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी में कार्यरत हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है. यूपी आज 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ओडीओपी उत्पाद निर्यात कर रहा है.

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राज्य बीमारू नहीं, बीमार थी मानसिकता
सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों में पिछड़ापन, अव्यवस्था, दंगे, गुंडागर्दी, कर्फ्यू, बेरोजगारी ही यूपी की पहचान बन चुकी थी. खामियाजा बेरोजगारी के रूप में युवाओं को भुगतना पड़ता था. सरकार बनाने के बाद हमने पहली कैबिनेट बैठक में अन्नदाता किसानों को राहत देने का निर्णय किया, लेकिन खजाना खाली था. बैंकर फोन नहीं उठा रहे थे. तत्कालीन वित्त सचिव तबीयत खराब होने की बात कहकर कार्यभार से मुक्त करने के लिए कह रहे थे. लेकिन, हमने ठोस फैसले करने शुरू किए तो परिणाम सामने आने शुरू हो गए. वास्तव में यूपी बीमारू नहीं था, बीमार वो मानसिकता थी जो 2017 से पहले शासन कर रही थी. इसी मानसिकता ने किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर किया था. युवाओं के सामने पहचान का संकट और हर व्यक्ति में असुरक्षा का भाव पैदा किया था.

आज यूपी का बजट 9 लाख करोड़ से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के बजट को 3 लाख करोड़ से बढ़कर 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. 2016-17 में यूपी की कुल जीएसडीपी 12 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. तब प्रति व्यक्ति आय महज 43 हजार रुपये थी, जो अब 1.20 लाख रुपये से अधिक है. उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल केवल 12 प्रतिशत था, आज वह 38 प्रतिशत से अधिक है. बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है. यह तस्वीर नए उत्तर प्रदेश को पेश करती है.

यूपी ने रची विकास की महागाथा
सीएम ने कहा कि अब देश के कुल एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे व देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे भी प्रारंभ हो चुका है. सोमवार से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू हुआ है. अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी हो या जिला मुख्यालय, सभी फोरलेन से जुड़े हैं. देश का पहला इनलैंड वॉटरवे, रैपिड रेल व रोपवे के साथ जल्द ही जुड़ने वाला वाराणसी शहर भी यूपी में है. सबसे ज्यादा एयरपोर्ट व मेट्रो का संचलान यूपी में हो रहा है. रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क भी यूपी के पास है. ये सब 9 वर्ष पहले सिर्फ सपना था.

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गन्ना, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में नंबर-1 यूपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले यूपी सरकार ने आम महोत्सव आयोजित किया, जिसमें हजारों टन आम निर्यात किया गया. दुनियाभर के लोग यूपी का आम खरीदने के लिए लाइन में खड़े थे. 2014 से पहले किसान सुविधाओं के अभाव में आत्महत्या करने के लिए मजबूर था. 2007 से 2017 के बीच यूपी की 29 चीनी मिलें बंद हुईं या बेच दी गईं. 3-3 करोड़ में बेची जाने वाली चीनी मिलों की जमीन ही सैकड़ों करोड़ रुपये की थी. हमारी सरकार ने 2017 से अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों के खातों में किया है. 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है. देश के अंदर गन्ना, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में यूपी नंबर-1 है.

24 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा
सीएम ने कहा कि यूपी में पिछले 9 वर्ष में 24 लाख हेक्टेयर लैंड को सिंचाई सुविधा दी गई है. बाणसागर परियोजना दशकों से लंबित थी, जिसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत पूरा किया. 2.5 लाख हेक्टेयर लैंड को इससे सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई. बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक परियोजना दशकों से लंबित थी, जिसे पूरा करवाया गया. सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को योजना आयोग ने 1970 के दशक में स्वीकृत किया था. 1977 में इसकी आधारशिला रखी गई, लेकिन यह कभी पूरी नहीं हो पाई. तब इस पर कुल 100 करोड़ खर्च होने थे, लेकिन समय पर कार्य न होने के कारण 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करने पड़े. किसान को 10 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है. अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश समृद्ध होगा.

9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
सीएम योगी ने कहा कि 9 लाख से अधिक युवाओं को प्रदेश में सरकारी नौकरी दी गई. अकेले यूपी पुलिस में 2 लाख 25 हजार से अधिक भर्तियां की गईं. यूपी पुलिस में 2017 के पहले केवल 10 हजार महिला पुलिसकार्मिक थीं, जिनकी संख्या अब 45 हजार हो गई है.

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16 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त राशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में वेलफेयर स्कीम के जरिए 16 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है. 1.6 करोड़ परिवार ऐसे हैं, जिनको निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन या फिर दिव्यांगजन पेंशन के माध्यम से 12 हजार रुपये सालाना पेंशन की सुविधा का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है. 25 लाख से अधिक महिलाओं-बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ दिया जा रहा है. 5 लाख से अधिक माताओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत योजना का सुविधा दी जा रही है. 6 लाख से अधिक बालिकाओं की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शादी कराई गई है. अब पिता इस बात के लिए चिंतित नहीं होता है कि बेटी बड़ी हो गई है तो उसकी शादी के लिए पैसा कहां से आएगा.

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