Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

यूपी के शिक्षा मॉडल की हरियाणा में गूंज, विधानसभा समिति ने सुधारों को बताया शानदार

UP: हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति ने यूपी के शैक्षिक सुधारों और नवाचारों को उपयोगी एवं अनुकरणीय बताया है. समिति ने यूपी की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, डिजिटल गवर्नेंस और छात्र कल्याण के प्रयासों की सराहना की..

Image Source: UP Information Department
Loading Ad...

UP: उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था, शैक्षिक गुणवत्ता, अवस्थापना सुविधाओं और शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों का अध्ययन करने के लिए हरियाणा विधानसभा की उच्चस्तरीय शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंची. समिति ने विधानसभा सभागार में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों और नवाचारों बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार, डिजिटल व्यवस्था, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी समिति के सामने रख की जानकारी प्राप्त की. बैठक में हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति के चेयरपर्सन लक्ष्मण सिंह यादव सहित समिति के अन्य सदस्यगण और अधिकारी मौजूद रहे.

योगी सरकार के उच्च शिक्षा सुधारों की दी गई जानकारी

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार, डिजिटल व्यवस्था, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी समिति के सामने रखी गई.
हरियाणा विधानसभा की समिति ने उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए प्रदेश की व्यवस्थाओं और नवाचारों को महत्वपूर्ण एवं उपयोगी बताया.

Loading Ad...

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा उच्च शिक्षा का ढांचा

Loading Ad...

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 24 राज्य विश्वविद्यालय, 56 निजी विश्वविद्यालय, एक डीम्ड विश्वविद्यालय और एक मुक्त विश्वविद्यालय संचालित हैं. इसके अलावा प्रदेश में 216 राजकीय महाविद्यालय, 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय तथा 7,526 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय भी संचालित हो रहे हैं.
प्रदेश में स्थापित किए गए 71 नए राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य, सहायक आचार्य, पुस्तकालयाध्यक्ष और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के कुल 1,349 पदों का सृजन किया गया है. इनमें से 46 महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 से प्रवेश और अध्यापन कार्य शुरू हो चुका है.

Janata Darshan: CM योगी ने फरियादियों की सुनीं समस्याएं, हर संभव कार्रवाई करने का दिया आश्वासन

Loading Ad...

गुणवत्ता सुधार के लिए बनाए गए नए तंत्र

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और महाविद्यालयों में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी मंडलों में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना की गई है. इसके साथ ही उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (SLQAC) का गठन कर उसे पूरी तरह सक्रिय किया गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों के अनुरूप प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम और रोजगारपरक वोकेशनल वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं.

डिजिटल गवर्नेंस पर सरकार का जोर

Loading Ad...

डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी प्रदेश में कई कदम उठाए गए हैं. उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में पत्रावलियों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है. शैक्षिक सत्र 2024-25 से प्रदेश के सभी राज्य और निजी विश्वविद्यालयों में ‘समर्थ’ पोर्टल लागू किया गया है. वहीं, सत्र 2025-26 से विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया भी समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है. इसके अलावा शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों का पूरा सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है.

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना

योगी सरकार द्वारा उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के 1.28 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों सहित करीब 7.5 लाख लोगों को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अलावा शिक्षणेतर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी योजना का लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है.

Loading Ad...

विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की पहल

प्रदेश में विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं. वहीं, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत 500 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. राजकीय महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी 13.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान

Loading Ad...

बैठक में रोजगारपरक शिक्षा और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को तकनीकी कार्यों में दक्ष बनाने के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है.
इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद देने के लिए मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, पात्र छात्राओं को निःशुल्क इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भारतीय ज्ञान प्रणाली वैश्विक उत्कृष्टता कोष जैसी पहलें भी की जा रही हैं.

शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नियुक्ति और चयन प्रक्रियाओं को तेज किया जा रहा है.
राजकीय महाविद्यालयों में चयनित प्रवक्ताओं के 840 पदों की ऑनलाइन पदस्थापना की जा चुकी है, जबकि 1,253 पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है. सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी प्राचार्य और प्रवक्ताओं की नियुक्तियां की गई हैं तथा अन्य पदों पर चयन प्रक्रिया जारी है.

Loading Ad...

हरियाणा समिति ने की उत्तर प्रदेश मॉडल की सराहना

हरियाणा विधानसभा की उच्चस्तरीय समिति ने उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों, डिजिटल तकनीक के उपयोग, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध एवं नवाचार, अवस्थापना विकास और छात्र कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की. समिति के सदस्यों ने कहा कि उत्तर प्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी और अनुकरणीय हैं. बेसिक और माध्यमिक शिक्षा सुधारों का भी किया अध्ययन

ऑपरेशन कायाकल्प और डिजिटल शिक्षा की हुई चर्चा

Loading Ad...

हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, शैक्षिक गुणवत्ता, विद्यालयी अवस्थापना और नवाचारों का अध्ययन करते हुए बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की. बैठक में योगी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की जानकारी दी गई और समिति ने इन्हें अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया.

विद्यालयों में सुविधाओं और तकनीक पर सरकार का फोकस

बैठक में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, ड्रीम लैब, व्यावसायिक एवं प्री-स्किलिंग शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी.
इसके अलावा डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डिजिटल निगरानी प्रणाली, विद्या समीक्षा केंद्र, मानव संपदा पोर्टल, निपुण भारत मिशन तथा शोध एवं नवाचार से जुड़े प्रयासों के बारे में भी विस्तार से बताया गया.

Loading Ad...

उत्तर प्रदेश का शिक्षा मॉडल बना चर्चा का विषय

यह भी पढ़ें

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, शिक्षक क्षमता निर्माण, छात्र नामांकन, सीखने के परिणाम और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. हरियाणा विधानसभा की समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश का शिक्षा मॉडल गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-सक्षम और छात्र-केंद्रित शिक्षा का प्रभावी उदाहरण है. समिति ने माना कि उत्तर प्रदेश में किए जा रहे ये प्रयास अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य हैं.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...