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टेरर फंडिंग केस को लेकर बंगाल पहुंची UP ATS, TMC नेता अब्दुल्ला गाजी के घर सहित मदरसे पर मारा छापा

यूपी एटीएस ने टेरर फंडिंग के सिलसिले में तृणमूल के नेता अब्दुल्ला गाजी के घर और मदरसे पर छापेमारी की है. ATS ने इस सिलसिले में नॉर्थ 24 परगना जिले के हसनाबाद ब्लॉक में ऐतिहासिक रामेश्वरपुर गांव में तलाशी अभियान शुरू हुआ.

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16 Jul 2026
( Updated: 16 Jul 2026
04:54 PM )
टेरर फंडिंग केस को लेकर बंगाल पहुंची UP ATS, TMC नेता अब्दुल्ला गाजी के घर सहित मदरसे पर मारा छापा
Representational Image/ Source: IANS
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उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के अधिकारियों ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ) के जवानों के साथ मिलकर गुरुवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता के घर और एक मदरसे पर छापेमारी की. यह कार्रवाई कथित टेरर फंडिंग मामले के सिलसिले में की गई. 

बंगाल में घुसकर यूपी एटीएस ने TMC नेता के घर मारा छापा

नॉर्थ 24 परगना जिले के हसनाबाद ब्लॉक में ऐतिहासिक रामेश्वरपुर गांव में तलाशी अभियान शुरू हुआ. इसमें स्थानीय टीएमसी नेता अब्दुल्ला गाजी के घर और रामेश्वरपुर दारुल उलूम मदरसे पर छापा मारा गया. जांच करने वालों को शक है कि विदेश से बड़ी रकम अब्दुल्ला गाजी और उनके बेटे के बैंक खातों में भेजी गई थी. कहा जा रहा है कि यह पैसा मदरसे के विस्तार और निर्माण के लिए था.

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सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एटीएस ने दो साल पहले भी इन्हीं आरोपों में अब्दुल्ला गाजी को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच चल रही थी. जांच करने वालों को इस मामले से जुड़े नए दस्तावेज मिलने के बाद फिर से छापेमारी की गई है.

अब्दुल्ला गाजी है आरोपी नेता का नाम

जांच करने वालों का मानना ​​है कि मदरसे के निर्माण के लिए ग्रांट के नाम पर भारी विदेशी फंड इकट्ठा किया गया था, हालांकि जांच में पता चला कि पैसे का इस्तेमाल बताए गए मकसद के लिए करने के बजाय शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए उसे दूसरी जगह भेज दिया गया.

एटीएस को शक है कि फंड का कुछ हिस्सा टेरर फाइनेंसिंग (आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने) में इस्तेमाल किया गया हो सकता है. जब छापेमारी करने वाली टीमें अब्दुल्ला गाजी के घर पहुंची तो वे और उनका बेटा दोनों ही फरार थे. इस रिपोर्ट के लिखे जाने के समय तलाशी अभियान चल रहा था और जांच करने वाले गाजी के घर पर छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच कर रहे थे.

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इस बीच, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की तीन टीमों ने बसीरहाट सब-डिविजन के हारोआ इलाके में एक ट्रस्ट, एक शिक्षण संस्थान और एक मदरसे में एक साथ तलाशी अभियान चलाया. ईडी की यह कार्रवाई व्यवसायी अब्दुस समद से जुड़े बैंक खातों में विदेशी मुद्रा के बड़े लेन-देन का पता चलने के बाद की गई.

इधर लखनऊ में ED का टेरर फंडिंग नेटवर्क पर क्रैकडाउन

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इसके अलावा उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ और कथित टेरर फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. गुरुवार को राजधानी लखनऊ के करीब 13 स्थानों पर रेड मारी गई है.

आपको बता दें कि लखनऊ जोनल ऑफिस ने इस नेटवर्क से जुड़े ECIR नंबर ECIR/LKZO/14/2024 के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) 2002 के प्रावधानों के तहत 13 स्थानों पर तलाशी ली. 

बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठियों को दी जा रही थी अवैध पनाह!

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मालूम हो कि यह मामला उत्तर प्रदेश ATS द्वारा दर्ज की गई एक FIR से जुड़ा था. इस दौरान एक ऐसे संगठित सिंडिकेट जो कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने, उनके लिए नकली भारतीय पहचान दस्तावेज बनवाने और देश के विभिन्न हिस्सों में उनके बसाने में मदद करता था. उसी की जांच को लेकर FIR दर्ज की गई थी.

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