'हमलों का रिकॉर्ड है, पूरा हिसाब होगा...', बंगाल के 'गुंडों' को CM सुवेंदु अधिकारी ने ललकारा
पश्चिम बंगाल में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने 2021 चुनाव के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों की कानूनी जांच कराने की चेतावनी दी है. नंदीग्राम दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि सभी घटनाओं का रिकॉर्ड रखा गया है.
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों माहौल काफी गरमाया हुआ दिखाई दे रहा है. राज्य में बीजेपी की सुवेंदु अधिकारी सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है. शासन से लेकर प्रशासन तक कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि 2021 विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों की कानूनी जांच कराई जाएगी और दोषियों को कानून के तहत जवाब देना होगा.
इस दौरान सुवेंदु अधिकारी ने अपने कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में न लेने की भी सख्त हिदायत दी. उन्होंने कहा कि बीजेपी बदले की राजनीति में विश्वास नहीं करती, लेकिन अन्याय करने वालों को छोड़ा भी नहीं जाएगा. खास बात यह रही कि 2026 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद रविवार को वह पहली बार नंदीग्राम पहुंचे, जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया.
बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमलों का रखा रिकॉर्ड
नंदीग्राम में आयोजित सभा के दौरान सुवेंदु अधिकारी काफी आक्रामक अंदाज में दिखाई दिए. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने 2021 चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हुए हमलों का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर रखा है. उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए, समर्थकों को प्रताड़ित किया गया और कई लोगों की जान तक चली गई. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'सबका हिसाब रखा गया है और सभी को कानूनी न्याय मिलेगा.' उन्होंने कार्यकर्ताओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर चाहें तो विरोधियों के घरों की ईंटें तक निकाल सकते हैं, लेकिन बीजेपी कभी ऐसी राजनीति को बढ़ावा नहीं देती. उन्होंने साफ कहा कि कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई होगी. उनका यह बयान अब बंगाल की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. राजनीतिक जानकार इसे आने वाले समय में बीजेपी और टीएमसी के बीच और तेज होने वाली सियासी लड़ाई का संकेत मान रहे हैं.
नंदीग्राम को बताया अपना घर
रविवार को नंदीग्राम में आयोजित रैली में सुवेंदु अधिकारी ने अपने समर्थकों के बीच कई भावुक बातें भी कहीं. उन्होंने कहा कि नंदीग्राम सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि उनका घर और राजनीतिक संघर्ष की जन्मभूमि है. उन्होंने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि विधायक पद छोड़ने के बाद भी उनका रिश्ता नंदीग्राम से कभी कमजोर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि साल 2003 से शुरू हुआ उनका संघर्ष और जनता के साथ जुड़ाव आज भी पहले जैसा मजबूत है. गौरतलब है कि 2026 विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों जगह जीत हासिल की थी. बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी. राजनीतिक रूप से नंदीग्राम सीट हमेशा चर्चा में रही है. साल 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने इसी सीट से टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में हराया था. वहीं 2026 चुनाव में उन्होंने 15 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली.
छोटे भाई को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
नंदीग्राम दौरे के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरे राज्य की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, इसलिए नंदीग्राम की देखरेख की जिम्मेदारी उनके छोटे भाई सोमेंदु अधिकारी को सौंपी गई है. उन्होंने बताया कि पंचायत, प्रशासन और जनता से जुड़े कामों में पांच विधायक सोमेंदु अधिकारी का सहयोग करेंगे. सुवेंदु अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि नंदीग्राम के विकास और जनता की सेवा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. अब उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है.
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बताते चलें कि नंदीग्राम दौरे के दौरान सुवेंदु अधिकारी के तेवरों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और ज्यादा गर्माने वाली है. बीजेपी जहां खुद को मजबूत करने में जुटी है, वहीं टीएमसी के खिलाफ सियासी लड़ाई को और तेज करने की तैयारी भी दिखाई दे रही है.