बंगाल में CJP को झटका, जंतर-मंतर की तरह प्रदर्शन की कर रहे थे तैयारी, आखिरी वक्त पर रद्द करना पड़ा कार्यक्रम
बंगाल में सीजेपी की तय बैठक कथित तौर पर रद्द कर दी गई है. ख़बर के मुताबिक कॉकरोचोें को इसी दौरान बड़ा झटका लगा है. जानकारी के मुताबिक वेन्यू मालिक ने जगह देने से ही इनकार कर दिया.
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को बड़ा झटका लगा है. जंतर मंतर पर महीने भर धरना-प्रदर्शन करने वाली सीजेपी को बंगाल में होने वाला विरोध-प्रदर्शन कार्यक्रम रद्द करना पड़ा है. जानकारी के मुताबिक बुधवार को कोलकाता के एक हॉल में होने वाली बैठक कथित तौर पर आखिरी समय में रद्द कर दी गई, क्योंकि हॉल के मालिक ने जगह देने से इनकार कर दिया.
सीजेपी के को-कन्वेनर आशुतोष रांका ने मंगलवार दोपहर सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कोलकाता में होने वाली मीटिंग को रद्द करने की घोषणा की. रांका के सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, "उत्तरी कोलकाता के भारत सभा हॉल में हमारी तय कोलकाता मीट-अप को अब रद्द कर दिया गया है, क्योंकि हॉल के मालिकों को भारतीय जनता पार्टी नेताओं से धमकियां मिली थीं. छह अन्य हॉल ने भी राज्य सरकार के भारी दबाव का हवाला देते हुए मना कर दिया."
बंगाल में सीजेपी का कार्यक्रम रद्द
उनके अनुसार, इस घटनाक्रम ने इस बात को और पुख्ता कर दिया कि भाजपा 'कॉकरोच' से डरी हुई है. उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें 'बंगाल के कॉकरोच' के साथ बातचीत करने का मौका नहीं मिल पाएगा, लेकिन वे जल्द ही एक बड़े कार्यक्रम के जरिए इसकी भरपाई करने का वादा करते हैं.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने कहा कि बंगाल के कॉकरोच सरकारी स्कूलों का दौरा करना जारी रखेंगे और पश्चिम बंगाल सरकार पर उन्हें ठीक करने के लिए दबाव डालेंगे. रांका ने कहा, "आप हमें जितना रोकेंगे, हम उतने ही बड़े होते जाएंगे."
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें कोलकाता प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करना था. लेकिन, मध्य कोलकाता के मैदान इलाके में स्थित क्लब परिसर में सोमवार रात से बिजली कटौती के कारण इसे रद्द करना पड़ा.
इससे पहले, सीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि वह बांकुरा जिले में सीजेपी के एक स्वयंसेवक (वॉलंटियर) के पिता की रहस्यमय मौत में शामिल लोगों को गिरफ्तार करे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे. यह स्वयंसेवक 'स्कूल ठीक करो' अभियान कार्यक्रम में शामिल हुआ था.
क्या है पूरा मामला?
रांका ने दावा किया, "बंगाल में भाजपा के सत्ता में आए अभी चार महीने ही हुए हैं. नई राज्य सरकार आसानी से कह सकती थी कि वह सरकारी स्कूलों पर काम करेगी और समय मांग सकती थी. राज्य सरकार सभी के साथ चर्चा कर सकती थी कि पश्चिम बंगाल में शिक्षा प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जाए और काम करने की कोशिश कर सकती थी. लेकिन जब हमारा स्वयंसेवक स्कूलों का ऑडिट करने गया, तो उसके पिता की हत्या कर दी गई."
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अब सरकारी स्कूलों का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया है. अपनी बदली रणीनीति के तहब सीजेपी बिल्डिंग की मरम्मत, पढ़ाई और मिड-डे मील को लेकर सवाल कर रही है. इसी सिलसिले में आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनके सपोर्टर पर हमला किया गया है, क्योंकि वो खराब स्कूल के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे. 13 अगस्त को एक CJP समर्थक का वीडियो शेयर कर आशुतोष ने लिखा,
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‘पश्चिम बंगाल के बांकुरा ज़िले में हमारे समर्थक अब्दुल हाफ़िज़ को #schoolthikkaro कैंपेन के तहत पास के स्कूल जाने पर BJP के गुंडों ने बुरी तरह पीटा. उनके पिता की भी बेरहमी से पिटाई की गई. पश्चिम बंगाल पुलिस क्या आप अभी भी पश्चिम बंगाल की पुलिस हैं या पहले ही BJP की पुलिस बन चुके हैं? अपने कामों से हमें बताएं, हम उसी हिसाब से बंगाल के कॉकरोच को निर्देश देंगे.’
Hazado keedo Karnataka, Himachal Pradesh,Keralam, Tamil Nadu, Telangana me apna mu&nh maraane nahi jaoge. Waha ke schools gold ki plates chadhe huye hai kya. Audit ka meaning bhi pata hai kya?