कर्ज के बोझ से मुक्ति, हरियाणा सरकार माफ करेगी किसानों का 2266 करोड़ रुपये का ब्याज

One-Time Settlement Scheme: सरकार का मानना है कि कई किसान सिर्फ बढ़ते ब्याज की वजह से कर्ज नहीं चुका पा रहे थे. अब अगर वे अपनी ली हुई मूल राशि जमा कर देते हैं, तो उन पर लगा पूरा ब्याज खत्म कर दिया जाएगा. यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी, यानी किसानों के पास इसका फायदा लेने के लिए पर्याप्त समय रहेगा.

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17 Feb 2026
( Updated: 17 Feb 2026
12:40 PM )
कर्ज के बोझ से मुक्ति, हरियाणा सरकार माफ करेगी किसानों का 2266 करोड़ रुपये का ब्याज
Image Source: Social Media

 One-Time Settlement Scheme: नायब सिंह सैनी की सरकार ने किसानों और गरीब मजदूरों को कर्ज के बोझ से राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) से जुड़े किसानों के लिए एकमुश्त निपटान योजना लागू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत किसानों पर चढ़ा हुआ कुल 2,266 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया जाएगा. सरकार का मानना है कि कई किसान सिर्फ बढ़ते ब्याज की वजह से कर्ज नहीं चुका पा रहे थे. अब अगर वे अपनी ली हुई मूल राशि जमा कर देते हैं, तो उन पर लगा पूरा ब्याज खत्म कर दिया जाएगा. यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी, यानी किसानों के पास इसका फायदा लेने के लिए पर्याप्त समय रहेगा.

क्या है एकमुश्त निपटान योजना?

सरकार ने साफ किया है कि जिन किसानों ने पैक्स से फसली ऋण, काश्तकार ऋण या दुकानदारी के लिए लोन लिया था और जो 30 सितंबर 2024 तक बकाया हो गया है, वे इस योजना के पात्र होंगे. किसान अगर अपनी मूल रकम समिति में जमा कर देते हैं, तो उनके ऊपर सालों से जुड़ता आ रहा ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा. इससे वे कर्ज के जाल से बाहर निकल सकेंगे और दोबारा नई शुरुआत कर पाएंगे.

लाखों किसानों को सीधा फायदा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना का लाभ लगभग 6.81 लाख किसानों और गरीब मजदूरों को मिलेगा. इन लोगों पर समय पर कर्ज न चुकाने के कारण भारी ब्याज चढ़ गया था. ब्याज माफी से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी और वे आर्थिक रूप से फिर से मजबूत बन सकेंगे. सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.

मृत किसानों के परिवारों के लिए भी राहत

इस योजना का सबसे खास और मानवीय पहलू यह है कि इसमें मृत किसानों के परिवारों को भी शामिल किया गया है. करीब 2.25 लाख ऐसे परिवारों को फायदा मिलेगा, जिनके घर के मुखिया किसान का निधन हो चुका है. अगर परिवार के सदस्य मूल राशि जमा कर देते हैं, तो उनका भी पूरा ब्याज माफ कर दिया जाएगा. इसके लिए सरकार ने करीब 900 करोड़ रुपये अलग से तय किए हैं. इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहे थे.

कर्ज चुकाओ, फिर से नया ऋण पाओ

सरकार ने किसानों को दोहरी राहत देने की व्यवस्था की है. जो किसान अपनी मूल राशि जमा कर देंगे, वे एक महीने बाद नई फसल के लिए फिर से ऋण ले सकेंगे. यह नया ऋण तीन किस्तों में मिलेगा ताकि किसान बीज, खाद और खेती के अन्य जरूरी कामों के लिए पैसे जुटा सकें. इससे खेती का काम रुकेगा नहीं और किसान नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ सकेंगे.

खेती को मजबूत बनाने की कोशिश

पिछले कुछ समय में भारी बारिश और बेमौसम बरसात जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है. ऐसे में यह योजना उनके लिए संजीवनी की तरह साबित हो सकती  है. ब्याज माफी और नए ऋण की सुविधा से किसान दोबारा खेती में निवेश कर पाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ किसानों की हालत सुधरेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. यह योजना किसानों को कर्ज के बोझ से बाहर निकालने और खेती-किसानी को फिर से पटरी पर लाने की एक बड़ी और सकारात्मक पहल मानी जा रही है.

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