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उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज, राज्य के कई विधायकों की बढ़ी धड़कन!

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। उत्तराखंड के विधायकों के धड़कन बढ़े हुए है। 5 सिटों को भरने की पूरी तैयारी कर ली गई है। नवरात्र तक मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। देखिए पूरी ख़बर

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इस वक़्त उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ है। वजह है मंत्रीमंडल विस्तार। उत्तराखंड कैबिनेट में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज़ हो गई है। फेरबदल की भी बात सामने आ रही है। और कहा जा रहा है कि धामी मंत्रिमंडल का विस्तार नवरात्र में हो सकता है। दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को दिल्ली दौरे पर थे और इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार को इससे जोड़ कर देखा जा रहा है। बता दें कि फ़िलहाल मंत्रिमंडल में पांच मंत्री पद ख़ाली चल रहे हैं, जिन्हें जल्द भरे जाने की कोशिश युद्ध स्तर पर की जी रही है। साथ ही मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल की संभावना है। कहा जा रहा है कि सीएम धामी दिल्ली में ही पार्टी के केंद्रीय नेताओं और आलाकमान से मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में अंतिम दौर का विचार-विमर्श कर इसपर मुहर लगा सकते है। 

मंत्रिमंडल विस्तार का मुख्य कारण पाँच मंत्री पदों का ख़ाली होना है। मंत्री पद के ख़ाली होने की वजह से सरकार को कामकाज में भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने संकेत भी दिया था। उन्होंने बताया था कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है। अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा था की ये मंत्रिमंडल विस्तार का सही समय है। अपको बता दें कि इससे पहले जब सीएम धामी दिल्ली दौरे पर गए थे तब कई और विधायकों का जमावड़ा दिल्ली में लगा हुआ था। दिल्ली पहुँचने वाले और अपना सोर्स लगाकर मंत्री पद पर बैठने वाले विधायकों में देहरादून के दो।हरिद्वार के तीन और कमाऊँ क्षेत्र के कई विधायक शामिल थे। अब किसका सोर्स काम आया है। और किसे मंत्री हद मिलाने वाला है ये तो भविष्य के गर्भ में है। 

धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस्तीफ़ा दे दिया था। दरअसल विधानसभा सत्र के दौरान अग्रवाल ने विवादित बयान दिया था। जिसके बाद अग्रवाल के ख़िलाफ़ प्रदेशभर में माहौल बन गया था। इसके बाद आलोचना होने लगी जिससे उत्तराखंड भाजपा ने कड़ा रूख अपनाते हुए प्रेमचंद अग्रवाल से इस्तीफ़ा माँग लिया था। अब इसी इस्तीफ़े के बाद अनुमान लगाया जाने लगा कि धामी सरकार के तीन साल पूरे होने के जश्न के आयोजन के बीच ही नए मंत्रियों के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। पर ऐसा हुआ नहीं और सभी विधायकों को इंतज़ार करना पड़ रहा है। 

प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफ़े के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की आवश्यकता हो गई है। प्रेमचंद के जाने के बाद मंत्रिमंडल में काली पदों की संख्या 5 हो गई। वहीं फ़िलहाल कैबिनेट में सीएम समेत 7 मंत्री ही मौजा है। कामकाज का बोझ बढ़ गया है। और इससे काम प्रभावित भी हो रहा है। 

पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरे के दौरान भाजपा में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम समेत अन्य नेताओं से भेंट की थी।इसे लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी संकेत दिए थे कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए उपयुक्त समय है और यह होना तय है। होली के त्योहार को देखते हुए यह विषय टल गया।अब जबकि मुख्यमंत्री फिर से दिल्ली दौरे पर हैं तो मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा को एक बार फिर हवा मिलने है। यहाँ सीएम धामी पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में अंतिम दौर की चर्चा कर सकते हैं। दिल्ली में मौजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने संपर्क करने पर संकेत दिए कि नवरात्र में मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। देखना अहम होगा कि इसपर मुहर लगती है या नहीं? जाते जाते आपको सुनाते सीएम का वो बयान जिसमें उन्होंने प्रेमचंद अग्रवाल को लेकर बड़ी बात कही थी। 
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