जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

UP के स्कूलों में अब कोई बच्चा नहीं रहेगा पीछे, जुलाई से 'कैच-अप शिक्षण' अभियान शुरू करेगी योगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधार अब नामांकन और आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ बच्चों के वास्तविक अधिगम परिणामों पर केंद्रित हो चुका है.

UP के स्कूलों में अब कोई बच्चा नहीं रहेगा पीछे, जुलाई से 'कैच-अप शिक्षण' अभियान शुरू करेगी योगी सरकार
Image Credits: representative Image/IANS
Advertisement


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा सुधार के अगले चरण में प्रवेश करते हुए अब बच्चों के सीखने के अंतराल (लर्निंग गैप) को समाप्त करने के लिए प्रदेशव्यापी ‘कैच-अप शिक्षण अभियान’ शुरू करने जा रही है. निपुण भारत मिशन के माध्यम से आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के बाद सरकार का फोकस अब उन विद्यार्थियों तक पहुंचने पर है, जो किसी कारणवश अपेक्षित अधिगम स्तर से पीछे रह गए हैं. इसी उद्देश्य से जुलाई 2026 में सभी विद्यार्थियों के लिए 15 दिवसीय पुनरावृत्ति शिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जबकि अगस्त 2026 से जनवरी 2027 तक विद्यालयों में प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का विशेष कैच-अप शिक्षण सत्र आयोजित होगा.

‘बच्चों की आगे की शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो सकती है’

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और एनसीएफएसई-2023 की भावना के अनुरूप तैयार की गई इस कार्ययोजना का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी सीखने की आवश्यकता के अनुसार शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है. योगी सरकार का मानना है कि यदि समय रहते अधिगम अंतराल को दूर नहीं किया गया तो बच्चों की आगे की शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो सकती है. इसलिए विद्यालय स्तर पर सुनियोजित, व्यवस्थित और परिणामोन्मुखी रणनीति लागू की जा रही है.

अधिगम परिणामों पर केंद्रित शिक्षा सुधार का नया चरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधार अब नामांकन और आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ बच्चों के वास्तविक अधिगम परिणामों पर केंद्रित हो चुका है. निपुण भारत मिशन, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल अनुश्रवण और अब कैच-अप शिक्षण अभियान के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है कि कोई भी बच्चा सीखने की दौड़ में पीछे न रह जाए. यह पहल गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और परिणामोन्मुखी शिक्षा व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

Advertisement

अनुभव आधारित और रुचिकर होगा शिक्षण

कैच-अप शिक्षण को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखते हुए स्थानीय परिवेश, दैनिक जीवन के अनुभवों और गतिविधि आधारित शिक्षण से जोड़ा जाएगा. शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), गणित किट, पुस्तकालय पुस्तकों, चार्ट, पोस्टर और स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा. खेल आधारित गतिविधियों, कहानी, चित्र, लेखन, समूह कार्य तथा सहभागितापूर्ण शिक्षण के माध्यम से बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ाई जाएगी.

त्रुटि विश्लेषण और पीयर लर्निंग पर रहेगा जोर

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की कठिनाइयों की पहचान कर उनका समाधान किया जाएगा. त्रुटि विश्लेषण के माध्यम से यह समझा जाएगा कि बच्चे कहां और क्यों पिछड़ रहे हैं. ‘मैं करूं-हम करें-तुम करो’ रणनीति, पीयर लर्निंग, पेयर लर्निंग और कोऑपरेटिव लर्निंग जैसी पद्धतियों का उपयोग कर बच्चों में आत्मविश्वास, सहयोग और समस्या समाधान क्षमता विकसित की जाएगी. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी विद्यार्थी स्वयं को कमजोर या उपेक्षित महसूस न करे.

Advertisement

आकलन, अनुश्रवण और अभिभावक सहभागिता बनेगी सफलता की कुंजी

यह भी पढ़ें

कार्यक्रम को परिणाममुखी बनाने के लिए विद्यार्थियों का बेसलाइन और एंडलाइन आकलन किया जाएगा तथा उनकी प्रगति का नियमित अभिलेखीकरण किया जाएगा. एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर और खंड शिक्षा अधिकारी समय-समय पर कार्यक्रम की समीक्षा करेंगे. वहीं विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चों को विद्यालय और घर दोनों स्थानों पर सीखने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें