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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में नया नियम, क्लासरूम में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे शिक्षक

Haryana: यह फैसला बुधवार को हुई एक अहम बैठक में लिया गया, जहां शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के सुझावों को सरकार ने मंजूरी दी. इसके बाद अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए गए

Image Source: Nayab Singh Saini x Tweet
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Haryana: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढाई के साथ -साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया हैं. अब स्कूलों के करिकुलम में ‘श्रमदान’ को जरुरी हिस्सा बनाया जाएगा. इसका मतलब यह नहीं हैं कि बच्चों से जबरदस्ती सफाई करवाई जाएगी या उनसे मजदूरी कराई जाएगी , बल्कि इसका असली उद्देश्य बच्चों में अनुशासन, मिल-जुलकर काम करने की आदत और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है... इस पहल के तहत छात्र, शिक्षक और जरूरत पड़ने पर आसपास के लोग भी स्कूल परिसर और आसपास की जगहों को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करेंगे. सरकार का मानना है कि जब बच्चे खुद अपने स्कूल की सफाई और देखभाल में हिस्सा लेंगे, तो उनमें स्वच्छता और जिम्मेदारी को लेकर जागरूकता बढ़ेगी. यह फैसला बुधवार को हुई एक अहम बैठक में लिया गया, जहां शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के सुझावों को सरकार ने मंजूरी दी. इसके बाद अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए गए....

बच्चों में अनुशासन और सामाजिक सोच बढ़ाने की कोशिश

सरकार ने साफ कहा है कि ‘श्रमदान’ का मकसद बच्चों से झाड़ू लगवाना नहीं है. असल में सरकार चाहती है कि बच्चे छोटी उम्र से ही यह समझें कि समाज और आसपास के माहौल को अच्छा रखना हर इंसान की जिम्मेदारी होती है. जब छात्र मिलकर किसी काम को करेंगे, तो उनमें टीमवर्क, सहयोग और समाज के लिए सोचने की भावना मजबूत होगी. इससे बच्चों में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे केवल किताबों तक सीमित न रहकर व्यवहारिक जीवन की बातें भी सीख पाएंगे. स्कूलों में इस तरह की गतिविधियों से बच्चों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता और सफाई तथा व्यवस्था बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है.

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अब क्लासरूम में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे शिक्षक
राज्य सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि अब शिक्षक क्लासरूम में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे, पढ़ाई के समय शिक्षकों के मोबाइल फोन प्रिंसिपल ऑफिस में जमा रहेंगे और क्लास के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक रहेगी. सरकार का मानना है कि कई बार मोबाइल फोन की वजह से पढ़ाई प्रभावित होती है और बच्चों का ध्यान भी भटकता है. इसलिए यह कदम उठाया गया ताकि शिक्षक पूरी तरह पढ़ाने पर ध्यान दे सकें और छात्रों को बेहतर माहौल मिल सके. इस फैसले को स्कूलों में अनुशासन मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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‘चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल्स’ की शुरुआत

इसी मौके पर मुख्यमंत्री ने ‘चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल्स’ नाम की नई योजना भी शुरू की. बजट 2026-27 की घोषणा के तहत पहले चरण में 250 स्कूलों की शुरुआत की गई है. ये सभी स्कूल हरियाणा बोर्ड से जुड़े होंगे और इनमें हिंदी तथा इंग्लिश दोनों माध्यमों में पढ़ाई कराई जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलें. इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, अच्छी बिल्डिंग और बेहतर पढ़ाई की व्यवस्था तैयार की जाएगी. साथ ही अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों और प्रिंसिपलों का चयन विशेष स्क्रीनिंग प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर भविष्य बनाने का मौका मिलेगा..

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शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने की तैयारी

हरियाणा सरकार लगातार सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर जोर दे रही है. नई योजनाओं और नियमों के जरिए सरकार चाहती है कि बच्चों को केवल किताबों की जानकारी ही नहीं बल्कि जीवन की जरूरी सीख भी मिले. ‘श्रमदान’ जैसी पहल बच्चों को जिम्मेदार बनाएगी, जबकि मोबाइल पर रोक और आधुनिक स्कूलों की शुरुआत से पढ़ाई का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है. आने वाले समय में इन फैसलों का असर स्कूलों के माहौल और बच्चों के विकास दोनों पर देखने को मिल सकता है.

 

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