‘गलतफहमी में लिया नाम…’ कोर्ट में राहुल गांधी ने किस बात पर जताया खेद, शिवराज सिंह चौहान के बेटे से जुड़ा मामला
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान पनामा पेपर मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था.
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मानहानि के एक मामले में कोर्ट में माफी मांगी है. यह मामला केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह सिंह के बेटे कार्तिकेय सिंह से जुड़ा हुआ था, जो आठ साल पुराना है.
जबलपुर हाई कोर्ट में सनुवाई से पहले राहुल गांधी ने लिखित माफीनामा भेजा और अपना रुख क्लियर किया. मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले राहुल के वकील ने कोर्ट के सामने उनका लिखित स्पष्टीकरण पेश किया. जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी का बयान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार के खिलाफ नहीं थी. राहुल ने लिखित आवेदन में अपने पुराने बयान पर खेद जताया. उन्होंने कहा, ‘बयान कार्तिकेय के संदर्भ में नहीं था. उसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए.’
कोर्ट ने कार्तिकेय सिंह से मांगा जवाब
इस मामले की सुनवाई सुनवाई जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल सिंगल बेंच कर रही है. राहुल गांधी के स्पष्टीकरण और माफीनामे पर कोर्ट ने शिकायतकर्ता कार्तिकेय सिंह चौहान (शिवराज सिंह के बेटे) से जवाब मांगा गया. कार्तिकेय सिंह का पक्ष आने के बाद ही कोर्ट किसी निर्णय पर पहुंचेगा. हालांकि राहुल गांधी के खेद जताने और स्पष्टीकरण के बाद इस मामले में समझौते की गुंजाइश बढ़ गई है.
क्या है मामला?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान पनामा पेपर मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था, जिस पर कार्तिकेय ने भोपाल स्थित MP/MLA कोर्ट में परिवाद दायर किया था. कार्तिकेय ने कहा था इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है. इस पर समन जारी किया गया था और बाद में राहुल गांधी के अधिवक्ता जबलपुर उच्च न्यायालय पहुंचे.
राहुल गांधी की ओर से समन रद्द करने की याचिका में मांग की गई थी. इस मामले में राहुल गांधी की ओर से विवेक कृष्ण तंखा, अजय गुप्ता, राजीव मिश्रा और ऐश्वर्या साहू पक्ष रख रहे हैं, जबकि कार्तिकेय चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर अपनी दलील पेश करेंगे.
इस मामले पर राहुल गांधी की ओर से अपने बयान पर खेद जताया और कहा कि उन्होंने गलती और कन्फ्यूजन में शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय का नाम ले लिया था. इस पर न्यायालय ने कार्तिकेय सिंह चौहान से जवाब तलब किया है.
क्या है पनामा पेपर लीक?
साल 2016 में अप्रैल महीने में 11.5 मिलियन (लगभग 1.15 करोड़) गोपनीय दस्तावेज़ लीक हुए थे. जो कि मध्य अमेरिका के देश पनामा की एक लॉ फर्म मोसैक फोंसेका (Mossack Fonseca) के थे, जो ऑफशोर (टैक्स हेवन) कंपनियां बनाने का काम करती थी. ये गोपनीय दस्तावेज दुनियभार के धनकुबेरों के थे, यानी रईस, दौलतमंद, रसूखदार, आपराधिक छवि वाले लोगों के निवेश की जानकारी थी.
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यानी इन लोगों ने टैक्स बचाने के लिए दौलत का बड़ा हिस्सा पनामा की शेल कंपनियों में इन्वेस्ट किया था. जिसमें भारत के भी कई बड़े नाम शामिल होने का कथित दावा किया गया.
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