चुनाव से पहले पीएम मोदी का ‘शक्ति प्रदर्शन’, कोलकाता में करेंगे मेगा रैली, बदल जाएगा पूरा सियासी समीकरण!
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता में एक विशाल रैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन करने वाले हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इससे बंगाल के मौजूदा सियासी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे.
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आगामी बंगला विधानसभा चुनाव बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के लिए साख की लड़ाई है. क्योंकि बीजेपी बंगाल जीतकर यह संदेश देना चाहती है कि उसका विजय रथ अब पूर्वोत्तर से लेकर पूर्वी भारत के हर कोने तक पहुंच चुका है, वहीं, ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाकर ये संदेश देना चाहती हैं, कि बंगाल की जनता अभी भी उनके साथ है. खैर, बीजेपी अपने बंगाल मिशन पर है और उसके लिए संगठन के अंदर रणनीति भी तैयार की जा रही है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भाजपा की एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे. हालांकि रैली की अंतिम तिथि अभी तय नहीं हुई है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार होली के बाद 4 मार्च को इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी.
पीएम मोदी की मेगा रैली बदल देगी बंगाल का सियासी समीकरण!
भाजपा के राज्य समिति सदस्य के मुताबिक, चुनाव आयोग भी इसी अवधि में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतदान तिथियों की घोषणा कर सकता है. ऐसे में प्रधानमंत्री की रैली की तारीख भी उसी समय घोषित किए जाने की संभावना है. मेगा रैली से पहले भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई राज्य के विभिन्न संगठनात्मक जिलों में समानांतर 'रथ यात्राएं' निकालेगी. इन यात्राओं का उद्देश्य लोगों को कोलकाता में होने वाली बड़ी रैली के बारे में जागरूक करना और जनसमर्थन बढ़ाना है.
गृह मंत्री अमित शाह भी करेंगे बंगाल दौरान
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस महीने के अंत तक पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे. बताया गया है कि उनका दौरा सीमा सुरक्षा बल के आधिकारिक कार्यक्रम से जुड़ा होगा. हालांकि इस यात्रा के दौरान वे भाजपा के राज्य नेतृत्व के साथ एक संगठनात्मक बैठक भी करेंगे, लेकिन फिलहाल उनका कोई सार्वजनिक कार्यक्रम निर्धारित नहीं है.
उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में जुटी पार्टी
भाजपा का राज्य नेतृत्व विधानसभा चुनाव को लेकर भी तैयारियों में जुटा हुआ है. पार्टी 294 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की सिफारिशों की अंतिम सूची तैयार कर रही है, जिसे केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा. इस बार पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र के लिए दो अलग-अलग सूचियां भेजेगी. पहली सूची में तीन पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम होंगे, जबकि दूसरी सूची में तीन ऐसे नाम होंगे जिन्हें उम्मीदवार के रूप में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी.
कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर
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पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बार उम्मीदवार चयन में खास रणनीति अपनाई जा रही है. भाजपा राज्य इकाई जमीनी स्तर से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है, जबकि फिल्मी दुनिया से जुड़े चर्चित चेहरों को कम महत्व दिया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित रैली और संगठनात्मक गतिविधियां आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
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