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JPSC-JSSC घोटाले में बड़ा खुलासा! 40 करोड़ के कथित लेन-देन की जांच, ED ने दर्ज की ECIR
झारखंड भर्ती परीक्षा घोटाले में ED ने जांच शुरू कर दी है. एजेंसी का फोकस कथित वित्तीय लेन-देन, बिचौलियों और अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम की पूरी कड़ी पर है.
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Jharkhand Exam Scam: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरू कर दी है. ईडी के रांची जोनल कार्यालय ने राज्य पुलिस और सीआईडी की प्राथमिकी के आधार पर ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज की है.
वित्तीय लेन-देन और बिचौलियों की भूमिका पर नजर
ईडी की जांच का मुख्य फोकस कथित परीक्षा घोटाले में हुए वित्तीय लेन-देन, बिचौलियों की भूमिका और पैसे के लेन-देन की पूरी कड़ी का पता लगाना है. जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर वसूली गई रकम किन लोगों तक पहुंची और इसका इस्तेमाल किस तरह किया गया.
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जेपीएससी परीक्षा के बाद JSSC-CGL पर भी नजर
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फिलहाल ईडी ने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े सीआईडी केस को आधार बनाया है. सूत्रों के मुताबिक, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) 2024 की सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भी ईडी अलग से ईसीआईआर दर्ज कर सकती है. इस प्रकरण की जांच सीआईडी पिछले 20 दिन से कर रही है। जांच में परीक्षा आयोजित कराने वाली टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की भूमिका सबसे ज्यादा संदेहास्पद पाई गई है.
ब्लैकलिस्ट एजेंसी को ठेका देने पर उठे सवाल
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उत्तर प्रदेश सरकार और झारखंड में जेएसएससी द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद जेपीएससी में इस एजेंसी को ठेका दिए जाने पर गंभीर सवाल उठे हैं. विवाद के केंद्र में रहे जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते के बाद आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे भी सामने आए हैं. सीआईडी पहले ही पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से चार दौर की पूछताछ कर चुकी है.
आयोग की सदस्य से आज होगी पूछताछ
सोमवार को आयोग की सदस्य अजिता भट्टाचार्य को पूछताछ के लिए तलब किया गया है. सीआईडी ने इस मामले में अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है. जांच के अनुसार, वह राज्य सरकार के एक कार्यालय में कार्यरत था और टीडीपीएल से भी जुड़ा हुआ था. उसे कथित सिंडिकेट का अहम कड़ी बताया जा रहा है. पूछताछ में परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों से जुड़े लेन-देन को लेकर कई जानकारियां सामने आने की बात कही गई है.
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40 करोड़ के कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआती पड़ताल में करीब 40 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय नेटवर्क की आशंका सामने आई है. इसमें परीक्षा पास कराने और ओएमआर शीट में कथित हेरफेर के लिए रकम लिए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है. सीआईडी की छापेमारी में रांची, हजारीबाग, पलामू और धनबाद समेत 18 ठिकानों से दस्तावेज और डिजिटल सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी है.
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बताते चलें कि इनमें ब्लैंक चेक, अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, ओएमआर शीट की कार्बन प्रतियां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं. मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की हो चुकी है. इनमें कथित तौर पर परीक्षा में अनुचित तरीके से सफल होने वाले अभ्यर्थी और कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं.
Input- (IANS)