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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान! अब मनरेगा में 100 नहीं, मिलेंगे 125 दिन काम

Haryana: नई योजना के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को साल में कम से कम 125 दिन का रोजगार देने की गारंटी होगी. यह सुविधा पहले चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से अलग और ज्यादा लाभकारी मानी जा रही है.

Image Source: Nayab Saini/x Post
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MGNREGA Yojana: हरियाणा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक नई रोजगार गारंटी योजना शुरू की है, जिसका नाम विकसित भारत-रोजगार आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) रखा गया है. इस योजना का मकसद गांवों में रहने वाले परिवारों को सालभर में ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराना और उनकी आमदनी को बढ़ाना है. सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण मजदूरों को पहले से ज्यादा काम और बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

अब साल में 125 दिन का काम मिलेगा

नई योजना के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को साल में कम से कम 125 दिन का रोजगार देने की गारंटी होगी. यह सुविधा पहले चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से अलग और ज्यादा लाभकारी मानी जा रही है, जिसमें 100 दिन का काम दिया जाता था. यानी अब मजदूरों को 25 दिन अतिरिक्त काम मिलेगा, जिससे उनकी कमाई भी बढ़ेगी और रोजगार की स्थिरता भी बेहतर होगी.

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15 दिन के भीतर काम न मिला तो मिलेगा भत्ता

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सरकार ने इस योजना में यह भी प्रावधान किया है कि अगर किसी पात्र व्यक्ति को आवेदन करने के 15 दिन के अंदर काम नहीं मिलता, तो उसे बेरोजगारी भत्ता देने का अधिकार होगा. इसका मतलब यह है कि रोजगार की गारंटी सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अगर समय पर काम नहीं मिला तो सरकार आर्थिक सहायता भी देगी. इससे ग्रामीण परिवारों को मुश्किल समय में सहारा मिलेगा.

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मजदूरी का भुगतान होगा समय पर और पारदर्शी तरीके से

नई व्यवस्था में मजदूरी भुगतान को लेकर भी खास ध्यान रखा गया है. श्रमिकों को उनकी मजदूरी साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के अंदर दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य है कि काम करने वाले लोगों को समय पर पैसा मिले और उन्हें किसी तरह की देरी या परेशानी का सामना न करना पड़े। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद है.

आपदा और विशेष परिस्थितियों में मिल सकती है अतिरिक्त मदद

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इस योजना के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार भी दिया गया है कि अगर प्राकृतिक आपदा या किसी असाधारण स्थिति में लोगों को अतिरिक्त सहायता की जरूरत पड़े, तो वह केंद्र सरकार से विशेष छूट या मदद की सिफारिश कर सकती है. इसका मतलब यह है कि संकट के समय ग्रामीण मजदूरों को और अधिक सुरक्षा मिल सकेगी.

डिजिटल सिस्टम और पारदर्शिता पर जोर

सरकार ने इस योजना को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है. रोजगार मांगने वाले लोगों को जल्दी काम मिले और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे न सिर्फ भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, बल्कि काम का सही रिकॉर्ड भी रखा जा सकेगा.

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ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

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कुल मिलाकर यह नई योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. सरकार का दावा है कि इससे गांवों में बेरोजगारी कम होगी और लोगों को अपने ही क्षेत्र में ज्यादा स्थिर काम मिल सकेगा. अब देखना होगा कि इस योजना का जमीनी स्तर पर कितना असर होता है और ग्रामीण लोगों को इसका कितना फायदा मिलता है.

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