झारखंड के छात्रों का आंदोलन सफल, JPSC-CGL परीक्षा रद्द, 2014 से अब तक की भर्ती की भी जांच, जानें बड़ी बातें
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया.
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झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा में धांधली के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन खत्म हो गया है. हेमंत सोरेन सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगे मान ली हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है.
इसके अलावा टीडीपीएल एजेंसी की ओर से करवाई गई राज्य में कराई गई सभी प्रतियोगिता परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया. बैठक के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा,
‘SIT और CID दोनों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, चूंकि जांच चल रही है, इसलिए हर बात खुले तौर पर बताना संभव नहीं है. इसमें कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क शामिल है. जिन्होंने अलग-अलग समय पर यहां काम किया है. 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच CID से कराई जाएगी.’
उन्होंने कहा कि 14वीं जेपीएससी पीटी और बैकलॉग सिविल सर्विस परीक्षा रद्द करने का निर्णय पूर्व में ही आंदोलित छात्रों के साथ वार्ता के दौरान लिया जा चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अब वर्ष 2014 से लेकर वर्तमान समय तक जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है.
2014 से अब तक की भर्ती परीक्षाओं की होगी जांच
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल में कथित गड़बड़ियों की एसआईटी और सीआईडी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जांच में विभिन्न एजेंसियों के बीच कथित साठगांठ और घालमेल के संकेत मिले हैं। इसे देखते हुए यह परीक्षा रद्द की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी और पूरे मामले की तह तक जाना जरूरी है. सरकार 2014 से लेकर अब तक की भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया की कराएगी ताकि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके.
उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है. समिति परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों का अध्ययन करेगी और आवश्यक सुझाव देगी. इसके अलावा सरकार ने राज्य के लोगों से भी परीक्षा सुधार को लेकर सुझाव मांगे हैं. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर सुझाव देने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि नई परीक्षा व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहे. परीक्षा संचालन से लेकर प्रश्नपत्र की सुरक्षा, एजेंसियों की भूमिका, मूल्यांकन और परिणाम तक पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा.
Ranchi, Jharkhand: CM Hemant Soren says, "Our young people at Jaipal Singh Stadium are sitting in different groups with their demands. I do not consider them separate groups. All of them are young people concerned about their future. On this issue, as before, our team of… pic.twitter.com/5AVol9OayI
— IANS (@ians_india) August 17, 2026
परीक्षा सुधार से जुड़े कई मुद्दों पर बनी सहमति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए मजबूत कानून बनाया है और उसे लागू करने की क्षमता भी रखती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन के दौरान मंत्रियों के साथ छात्रों की पहले हुई बैठकों में परीक्षा सुधार से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी थी. सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए उन सहमत बिंदुओं को लागू करेगी.
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उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन को लेकर सरकार की ओर से पहले से ही एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया बनी हुई है. अगर उसका पूरी तरह पालन किया जाता तो इस तरह की गड़बड़ियां नहीं होतीं. अब इस प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा और इसमें नए प्रावधान जोड़े जाएंगे. जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को आंदोलनकारी छात्रों की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सरकार ने फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है.