Advertisement

Loading Ad...

‘…उसके और टुकड़े होंगे’, CM योगी का पाकिस्तान पर तीखा बयान, साथ में किया बड़ा ऐलान

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान पर तीखा बयान देते हुए उसे ‘पापी’ बताया और कहा कि उसके और टुकड़े होंगे. मियानपुर कार्यक्रम में उन्होंने विस्थापित परिवारों को जमीन के अधिकार दिए और गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने का ऐलान किया.

Image Source: Videograb / @myogiadityanath
Loading Ad...

उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों के बीच शनिवार का दिन कई मायनों में खास रहा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ओर पाकिस्तान को लेकर तीखा बयान दिया, तो दूसरी ओर दशकों से अपने अधिकार के इंतजार में बैठे विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत भी दी. लखीमपुर खीरी के मियानपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने न सिर्फ 1000 से ज्यादा परिवारों को जमीन का मालिकाना हक सौंपा, बल्कि गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने का ऐलान भी किया. इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है.

पाकिस्तान पर सीएम का सख्त रुख

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ का लहजा बेहद आक्रामक नजर आया. उन्होंने पाकिस्तान को ‘पापी’ बताते हुए कहा कि जिस देश ने भारत के विभाजन में भूमिका निभाई, वह खुद भी बंट चुका है और आगे भी उसके और टुकड़े होंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लिए सुरक्षित माहौल नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समुदायों को वहां वर्षों तक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जबकि भारत ने हमेशा उन्हें सम्मान और सुरक्षा दी.

Loading Ad...

विस्थापित परिवारों को मिला अधिकार

Loading Ad...

कार्यक्रम का सबसे भावुक पहलू वह रहा, जब मुख्यमंत्री ने 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र सौंपे. उन्होंने बताया कि 1947 और 1971 के विभाजन के दौरान आए इन परिवारों ने वर्षों तक बिना अधिकार के जीवन बिताया. अब सरकार उन्हें उनका हक दे रही है. उन्होंने कहा कि यह कदम ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को मजबूत करता है. साथ ही लखीमपुर, धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये की 213 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया.

मियानपुर अब ‘रविंद्र नगर’

Loading Ad...

मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मियानपुर गांव का नाम अब ‘रविंद्र नगर’ होगा. यह नाम महान साहित्यकार गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के सम्मान में रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे गांव की पहचान को नई दिशा मिलेगी और यहां रहने वाले लोगों को उनकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले इस गांव का नाम उसकी असली पहचान छिपाने के लिए रखा गया था.

कांग्रेस पर साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इन विस्थापित परिवारों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें कभी अधिकार नहीं दिया. उन्होंने कहा कि आज की सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि जमीन पर काम भी करती है. उनके अनुसार, यह बदलाव शासन की नीयत और नीति दोनों को दर्शाता है.

Loading Ad...

बांग्लादेश से आए परिवारों का दर्द

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बांग्लादेश से आए विस्थापित परिवारों के संघर्ष का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि मजबूरी में अपना घर छोड़कर भारत आए थे. उनके पास न कोई संपत्ति थी और न ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी. भारत ने ही उन्हें अपनाया और सम्मान दिया. उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की सहिष्णुता और मानवीयता का उदाहरण बताया.

विकास और राहत पर सरकार का फोकस

Loading Ad...

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में विस्थापित परिवारों को जमीन का अधिकार देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. करीब 1031 परिवारों को 542 हेक्टेयर जमीन देने की पहल की गई है. साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत घर, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार इन परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.

क्षेत्रीय विकास को भी मिली रफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में विकास कार्यों को भी तेजी दी जा रही है. लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण, गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर, एयरपोर्ट परियोजना और दुधवा नेशनल पार्क के जरिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण और किसानों को राहत देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है.

Loading Ad...

बताते चलें कि अपने भाषण के अंत में योगी आदित्यनाथ ने समाज में एकता बनाए रखने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटना देश के लिए घातक है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट रहें और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं. यह कार्यक्रम सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं था, बल्कि इसमें राजनीति, समाज और संवेदनाओं का एक बड़ा संदेश छिपा था. एक ओर जहां पाकिस्तान पर कड़ा रुख दिखा, वहीं दूसरी ओर वर्षों से अपने हक के इंतजार में बैठे लोगों को न्याय मिला. अब देखना होगा कि इस फैसले का आने वाले समय में क्या असर पड़ता है और यह पहल कितनी दूर तक बदलाव ला पाती है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...