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रांची के RSS कार्यालय पर हमले का इंटरनेशनल कनेक्शन, दुबई में बनी साजिश और पाकिस्तान तक पहुंचे सबूत
रांची स्थित RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में दुबई कनेक्शन और पाकिस्तानी हैंडलर की भूमिका के संकेत मिले हैं. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच में खुलासा हुआ है कि हमले का वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे शाहबाज आलम उर्फ भट्टी को भेजा गया था.
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झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. शुरुआती तौर पर यह घटना एक स्थानीय आपराधिक वारदात लग रही थी, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इसके तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ते दिखाई देने लगे. पुलिस की कार्रवाई में अब तक तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो इस मामले को बेहद गंभीर बना रहे हैं.
जांच में सामने आया दुबई कनेक्शन
रांची पुलिस की जांच के अनुसार, इस हमले की साजिश भारत में नहीं बल्कि दुबई में रची गई थी. गिरफ्तार आरोपियों में सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान शामिल हैं. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों में से एक लंबे समय तक दुबई में रह चुका था और वहीं उसकी मुलाकात कुछ ऐसे लोगों से हुई, जिन्होंने उसे कट्टरपंथी सोच की ओर प्रभावित किया. पुलिस को संदेह है कि दुबई में बैठे कुछ लोगों ने हमले की योजना तैयार की और उसे अंजाम देने के लिए आरोपियों को निर्देश दिए. यही वजह है कि अब जांच का दायरा केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी कड़ियां खंगाली जा रही हैं.
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वीडियो बनाकर भेजा गया था हैंडलर को
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जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका, जबकि दूसरे आरोपी ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया. बाद में यह वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शाहबाज आलम उर्फ भट्टी को भेजा गया. इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले को और गंभीरता से देख रही हैं. रांची पुलिस ने भी माना है कि इस घटना के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता. मामले की जांच में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को भी शामिल किया गया है.
दिनांक-16.06.2026 की रात्रि में चुटिया निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, झारखण्ड प्रदेश कार्यालय में अज्ञात अपराधकर्मी के द्वारा पेट्रोल बम फेंकने की घटना को कारित किया गया। इस संबंध में चुटिया थाना में काण्ड दर्ज किया गया । इस काण्ड को उदभेदन हेतु एक विशेष अनुसंधान टीम… pic.twitter.com/exENJncaCM
— Ranchi Police (@ranchipolice) ?ref_src=twsrc%5Etfw">June 18, 2026Advertisement
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स्थानीय बाजार से खरीदा गया सामान
पूछताछ में पता चला है कि हमले के लिए इस्तेमाल किए गए पेट्रोल बम की सामग्री रांची के स्थानीय बाजार से खरीदी गई थी. आरोपियों ने कांच की बोतलें, पेट्रोल और आग लगाने में इस्तेमाल होने वाली रस्सी जैसी चीजें अलग-अलग स्थानों से जुटाईं. इसके बाद उन्होंने खुद मोलोटोव कॉकटेल तैयार किया और तय योजना के तहत निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाया. घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी वहां से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने तकनीकी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
हमले से पहले की गई थी रेकी
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पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हमले से पहले आरएसएस कार्यालय की रेकी की गई थी. गिरफ्तार आरोपियों में से एक रांची का रहने वाला बताया जा रहा है. उसने कार्यालय और आसपास के इलाके की पूरी जानकारी जुटाई और फिर यह सूचना अपने अन्य साथियों तक पहुंचाई. जांचकर्ताओं का मानना है कि रेकी के बाद ही हमले की अंतिम योजना तैयार की गई थी. इससे यह स्पष्ट होता है कि घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि पूरी तैयारी और रणनीति के साथ इसे अंजाम दिया गया.
हाजत से फरार हुआ आरोपी, फिर हुआ गिरफ्तार
मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी पुलिस हाजत से फरार हो गया. बताया गया कि उसने शौच जाने का बहाना बनाया और बाथरूम की खिड़की के रास्ते भाग निकला. इसके बाद पुलिस ने जिले से बाहर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर सघन जांच शुरू कर दी. कुछ समय बाद सूचना मिली कि आरोपी मांडर टोल प्लाजा के पास एक बस में मौजूद है. पुलिस ने उसे पकड़ लिया, लेकिन पूछताछ के लिए ले जाते समय उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और भागने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार आरोपी ने फायरिंग भी की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी. घायल हालत में उसे दोबारा हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
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बहरहाल, इस पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है, उन्हें आर्थिक और तकनीकी मदद कहां से मिली और क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हैं. रांची में हुआ यह हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है. आने वाले दिनों में जांच के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.