भव्य दीपोत्सव के बाद बजरंगबली की शरण में पहुंचे CM योगी, हनुमानगढ़ी में टेका माथा, श्रीरामलला की उतारी आरती
अयोध्या प्रवास के दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की.
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दसवें दीपोत्सव-2026 के सफल भव्य आयोजन के बाद रविवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया. दिन की शुरुआत उन्होंने संकट मोचन हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के चरणों में शीश नवाकर की. वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच पूजा-अर्चना करते हुए उन्होंने श्रीराम भक्त हनुमान से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की. इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और प्रभु श्रीरामलला के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया.
जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा परिसर
गोरक्षपीठाधीश्वर के हनुमानगढ़ी पहुंचते ही पूरा मंदिर परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा. संतों एवं पुजारियों ने पारंपरिक रीति से उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने संकट मोचन के समक्ष माथा टेककर विधिवत आराधना की और प्रदेश में सुख-शांति, खुशहाली तथा जनकल्याण के लिए प्रार्थना की. दसवें दीपोत्सव के भव्य आयोजन के बाद रामनगरी में उनका यह धार्मिक प्रवास श्रद्धा और आस्था के भावों से परिपूर्ण रहा.
रामलला की आरती उतारी, मंदिर की परिक्रमा की
हनुमानगढ़ी में दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे. यहां उन्होंने प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की. इसके बाद राम दरबार में भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रदेश की निरंतर उन्नति और नागरिकों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की. दर्शन के बाद बाहर निकलने पर श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया. मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया.
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दीपावली पर प्रदेशवासियों के लिए की मंगलकामना
अयोध्या प्रवास के दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की. दसवें दीपोत्सव की भव्यता और विश्व कीर्तिमान की उपलब्धि के बीच मुख्यमंत्री का प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन रामनगरी के आध्यात्मिक माहौल को और गरिमामय बना गया.