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हाई टेक होगी खेती-किसानी! यूपी में गेम चेंजर साबित हो रही 'किसान पाठशाला', दो करोड़ किसानों को दी गई ट्रेनिंग

कृषि नवाचार बढ़ाने, खेती-किसानी को मौजूदा समय के अनुसार बनाने के उद्देश्य से यूपी में सरकार बड़े पैमाने पर किसानों को किसान पाठशाला के माध्यम से प्रशिक्षित कर रही है. इतना ही नहीं करीब 10 दिनों में ही 6.98 लाख किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है. अब तक 6720 ग्राम पंचायतों में इसका आयोजन किया गया है.

CM Yogi / Farmers (Representational Image)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को आने वाले दिनों में $1 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है. सीएम योगी का जोर रहा है कि देश को $5 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने के पीएम मोदी के लक्ष्य में यूपी का सबसे ज्यादा योगदान हो. देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है, जिसमें खाद्यान्न का रोल बेहद अहम है. वहीं यूपी देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है. इसके साथ ही प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है. इसे और बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार विभिन्न प्रकार के प्रयास कर रही है, जिसमें खेती-किसानी में नवाचार प्रयोग और किसानों को मॉडर्न फार्मिंग की ट्रेनिंग देना शामिल है. इसी सोच के तहत यूपी में किसान पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है.

आपको बता दें कि योगी सरकार के निर्देश पर किसानों को आधुनिक खेती और खेती में नवाचार के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है. कृषि विभाग के तत्वावधान में इस वर्ष रबी सीजन में भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 दिसंबर को बाराबंकी में पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा के गांव दौलतपुर से किसान पाठशाला 8.0 (रबी: 2025-26) का शुभारंभ किया था. बीते 10 दिन में 6.98 लाख किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. यह पाठशाला 29 दिसंबर तक चलेगी.

10 दिन में 4.37 लाख पुरुष और 2.61 लाख महिला किसान हुए प्रशिक्षित

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इस संबंध में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश की 21 हजार ग्राम पंचायतों में कराए जाने के लिए जनपदीय और मंडलीय कार्यालयों को निर्देश दिए गए थे. इस क्रम में 12 दिसंबर से 21 दिसंबर (10 दिन) के दौरान 6720 ग्राम पंचायत स्तरीय गोष्ठी/किसान पाठशाला का आयोजन किया जा चुका है. 10 दिन में 6.98 लाख किसानों को कृषि और सहवर्ती विभागों की योजनाओं तथा कृषि विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों में किए जा रहे नवाचारों से प्रशिक्षित किया गया. इन 6.98 लाख किसानों में 4.37 लाख पुरुष और 2.61 लाख महिला किसान शामिल हैं.

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दो करोड़ किसानों को दी गई ट्रेनिंग!

कृषि विभाग के मुताबिक किसान पाठशाला के अंतर्गत 2017-18 से अब तक लगभग दो करोड़ से अधिक किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है. किसान पाठशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के लिए शिक्षित करना और उनकी आय दोगुनी करना है. योगी सरकार की इस पहल का मकसद किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक, प्राकृतिक खेती, फसल प्रबंधन, सरकारी योजनाओं और आय बढ़ाने के तरीकों की व्यावहारिक ट्रेनिंग देना है, ताकि वे कम लागत में बेहतर पैदावार कर सकें और आत्मनिर्भर बनें. इसमें फसल सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य, बागवानी, नई तकनीक समेत विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जाती है.

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देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में यूपी का 21% योगदान

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है. खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है. बीते दिनों सरकार ने सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए थे.

यूपी की इकोनॉमी के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी!

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प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी है. बेहतर बीज, उन्नत तकनीक और खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार में इजाफा हुआ है. साथ ही उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है. इसके अलावा, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन संभव हो सका है.

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