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हरियाणा में अब हर जगह ई-व्हीकल की चार्जिंग की होगी सुविधा, नए-पुराने भवनों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी

गैर आवासीय भवनों या मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स या ऑफिस स्पेस में अगर 10 या उससे ज्यादा कार पार्किंग हैं, तो हर तीन पार्किंग स्लॉट पर कम से कम एक ईवी चार्जिंग स्पॉट बनाना ही होगा.

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07 Jun 2026
( Updated: 07 Jun 2026
07:18 PM )
हरियाणा में अब हर जगह ई-व्हीकल की चार्जिंग की होगी सुविधा, नए-पुराने भवनों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी
Source- IANS
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हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने बिल्डिंग कोड-2017 में बड़ा बदलाव किया है. प्रदेश में अब इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहन) को अब शॉपिंग कांप्लेक्स, माल, होटल, कार्यालयों और रिहायशी भवनों की पार्किंग में चार्ज किया जा सकेगा. 

संशोधित नियम के मुताबिक, नए भवनों के साथ ही मरम्मत की जाने वाली पुरानी इमारतों में भी ई-वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को जरूरी किया गया है. नगर और आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने यह जानकारी दी है. 

क्या है सरकार का नया आदेश? 

बिल्डिंग कोड में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया गया है. सरकार के इस कदम से सोसायटी स्तर पर होने वाले झगड़े भी खत्म होंगे. इसके साथ ही वाहनों की ई-चार्जिंग को लेकर होने वाली दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा. चार्जिंग से जुड़ा निर्माण फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) से मुक्त रहेगा. यानी बिल्डर या डेवलपर को इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी. 

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सरकार के नए आदेशों के अनुसार, गैर आवासीय भवनों या मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स या ऑफिस स्पेस में अगर 10 या उससे ज्यादा कार पार्किंग हैं, तो हर तीन पार्किंग स्लॉट पर कम से कम एक ईवी चार्जिंग स्पॉट बनाना ही होगा. पार्किंग के साथ नई इमारतों को ई व्हीकल के लिए 100% फ्यूचर रेड्डी बनाना होगा. यानी पहले से ही वायरिंग करनी होगी. 

भारी-भरकम खर्च से मिलेगी छुट्टी 

नए नियमों के बाद सबसे बड़ा बदलाव और फायदा ये होगा कि शहरों में रह रहे परिवारों को EV के लिए अलग से भारी-भरकम राशि खर्च करके चार्जिंग लाइन और इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बनवाना पड़ेगा. हालांकि इस दौरान बिजली और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखना पड़ेगा. अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संबंधित विभागों से परमिशन और वैद्य अनुमति लेनी अनिवार्य होगी. ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट लेते समय बताना होगा कि पार्किंग में कितने चार्जिंग स्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं.


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