डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट... CM सुवेंदु के 3-D मॉडल से घुसपैठियों में मचा हड़कंप, बंगाल बॉर्डर पर लौटने वालों की लगी भीड़
पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ 3-D नीति लागू कर सख्त अभियान शुरू कर दिया है. कार्रवाई तेज होने के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक उत्तर 24 परगना बॉर्डर पर वापस लौटने के लिए पहुंचने लगे हैं.
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार बनने और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद राज्य की राजनीति में लगातार हलचल बढ़ती दिखाई दे रही है. सुवेंदु सरकार के लगातार सख्त फैसलों ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत कर दी है. इसी कड़ी में अब अवैध प्रवासियों के खिलाफ भी तेज अभियान चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अधिकारियों को 3-D नीति (डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट) को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. अगर इसे आसान भाषा में समझे तो पहचान करो, रिकॉर्ड से हटाओ और देश से बाहर भेजो. सरकार की इस नई नीति का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है.
दरअसल, राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई और लगातार लिए जा रहे तेज फैसलों के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक उत्तर 24 परगना जिले के बिथारी-हाकिमपुर बॉर्डर के पास पहुंच गए. बताया जा रहा है कि ये लोग बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे और अब वापस बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहे हैं. सीमा क्षेत्र में अचानक भारी भीड़ जुटने से अफरा-तफरी और भगदड़ जैसे हालात बन गए. गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी सरकार ने महज दो दिन पहले ही मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में अवैध प्रवासियों को रखने के लिए दो होल्डिंग सेंटर शुरू किए थे. इसके बाद से प्रशासन की कार्रवाई और तेज होती दिखाई दे रही है.
CM सुवेंदु ने जारी की थी चेतवानी
उच्च स्तरीय बैठक के बाद पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु ने अवैध घुसपैठियों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग बिना वैध दस्तावेजों के राज्य में रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस लौट जाना चाहिए, वरना सरकार कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई करेगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अवैध प्रवासियों को हिरासत में रखकर उन पर सरकारी संसाधन खर्च करने का कोई मतलब नहीं है. सुवेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिरासत में लिए गए अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. उन्होंने कहा कि संबंधित कानून पहले से मौजूद था, लेकिन पिछली सरकारों ने राजनीतिक कारणों से उसे सख्ती से लागू नहीं किया. हालांकि मौजूदा सरकार राज्य और देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इस नीति को पूरी गंभीरता के साथ लागू कर रही है.
BSF को सौंपे जा रहे घुसपैठिए
सीएम सुवेंदु के आदेश के मुताबिक, संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों को अब हर मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया और अदालतों के चक्कर से नहीं गुजरना पड़ेगा. मौजूदा कानून के तहत पुलिस सीधे ऐसे लोगों को BSF के हवाले कर सकती है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूद द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत बीएसएफ पहले संबंधित व्यक्ति की राष्ट्रीयता की पुष्टि करेगी. इसके बाद उन्हें बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को सौंप दिया जाएगा, ताकि उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया जल्दी पूरी की जा सके.
अवैध घुसपैठियों को होल्डिंग सेंटर जाने का डर
स्वरूपनगर सीमा के आसपास बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की भीड़ पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आईं. इनमें से कई लोग कोलकाता और आसपास के इलाकों में निर्माण कार्य, होटल, मछली पालन और घरेलू कामों से जुड़े हुए थे. बांग्लादेश लौट रही एक महिला ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि वह कुछ साल पहले घरेलू काम के लिए भारत आई थी, लेकिन अब किसी होल्डिंग सेंटर में रखे जाने या जबरन कार्रवाई के डर से खुद वापस लौट रही है. वहीं एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि वह दलालों की मदद से सीमा पार कर भारत आया था और मजदूरी करता था, लेकिन वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण अब लौटने को मजबूर है. इधर राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिलों में अवैध प्रवासियों को रखने के लिए तेजी से इंतजाम किए गए हैं. मालदा और मुर्शिदाबाद में बनाए गए नए होल्डिंग सेंटरों में शुरुआती दौर में कई संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को भेजा भी जा चुका है.
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बहरहाल, पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ को लेकर सरकार का सख्त रुख साफ दिखाई दे रहा है. 3-D नीति लागू होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह अभियान और व्यापक रूप ले सकता है.