जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'कांग्रेस अब आज की नई मुस्लिम लीग बन गई...', वंदे मातरम पर CWC के फैसले को लेकर नितिन नबीन ने क्यों साधा निशाना?

कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पहले दो छंद गाने का प्रस्ताव पारित किया है. कांग्रेस ने इसे 1937 के फैसले और 1950 में संविधान सभा की व्यवस्था से जोड़ते हुए अपने रुख को स्पष्ट बताया है. इस पर बीजेपी की तरफ़ से पार्टी अध्यक्ष ने तीखा हमला बोला है.

'कांग्रेस अब आज की नई मुस्लिम लीग बन गई...', वंदे मातरम पर CWC के फैसले को लेकर नितिन नबीन ने क्यों साधा निशाना?
Image Source: IANS (File Photo)
Advertisement

देश की राजनीति में इन दिनों राष्ट्रगीत वन्दे मातरम को लेकर सियासीहंगामा बरपा हुआ है. इसको लेकर कांग्रेस और सत्ताधारी दल बीजेपी के नेताओं के बीच बयानबाज़ी खूब हो रही है. इस बीच कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में इसके दो छंद ही गाने के प्रस्ताव को पारित किया है. इसको लेकर कांग्रेस का कहना है कि वंदे मातरम पार्टी के लिए एक भावनात्मक मुद्दा है जबकि बीजेपी के लिए ये राजनीतिक मुद्दा है. अब इस मुद्दे पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

दरअसल, वंदे मातरम के कुल छह छंद हैं. कांग्रेस का कहना है कि पार्टी 1937 में हुई कांग्रेस बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार ही पहले दो छंदों को गाएगी. कांग्रेस के दिग्गज नेता जयराम रमेश ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि 1937 के सत्र में रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद दो छंदों को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया था. उनके मुताबिक इस मामले में कांग्रेस का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और 1950 में संविधान सभा की बैठक में भी इसी व्यवस्था को दोहराया गया था.

बीजेपी अध्यक्ष ने साधा निशाना 

कांग्रेस ने इस प्रस्ताव पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'कांग्रेस ने अब इस अपमान को एक प्रस्ताव का रूप दे दिया है. उसकी कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस के मंचों पर 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे. कुछ दिन पहले, जब किसी व्यक्ति के व्यवहार में यही अपमान सामने आया था, तो कांग्रेस ने इसे महज एक संयोग बताकर टाल दिया था. आज, वही अपमान कांग्रेस की नीति बन गया है. 'भारत माता' के इस पवित्र आह्वान का अपमान उन हजारों शहीदों का अनादर है, जिन्होंने इसी गीत को अपनी चेतना में जीवित रखते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. यह केवल राजनीतिक बचाव नहीं, बल्कि उस वोट बैंक की भूख का प्रमाण है, जिसके लिए कांग्रेस ने बार-बार देश के स्वाभिमान को गिरवी रखा है .कांग्रेस अब आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है.

Advertisement

सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस को घेरा

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने पार्टी प्रस्ताव को संविधान और कानून से ऊपर मान रही है. त्रिवेदी ने कहा कि 1937 में वंदे मातरम को लेकर मुस्लिम लीग की जिस मांग का जिक्र किया जाता है, कांग्रेस का मौजूदा रुख उससे मिलता-जुलता दिखाई दे रहा है.

क्यों बढ़ा विवाद?

Advertisement

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि वंदे मातरम लंबे समय से भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से जुड़ा रहा है. इसलिए इससे जुड़े किसी भी फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज होना स्वाभाविक है. कांग्रेस अपने फैसले को ऐतिहासिक संदर्भ और 1937 के प्रस्ताव से जोड़ रही है, जबकि बीजेपी इसे राष्ट्रवाद और संविधान से जोड़कर देख रही है. फिलहाल दोनों दल अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने हैं. ऐसे में वंदे मातरम पर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर और तेज होने के आसार हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें