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राज ठाकरे पर CM फडणवीस का तंज, बोले- कॉमेडी में होते तो सबका मार्केट बंद हो जाता
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विधानसभा में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई. हाल के दिनों में विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज रही है और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिल रही है.
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महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की आलोचना पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने अपने हालिया विधानसभा भाषण को लेकर उठे विवाद का जवाब देते हुए कहा कि उनके बयान को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया है.
राज ठाकरे पर फडणवीस का तीखा पलटवार
सीएम फडणवीस ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर राज ठाकरे राजनीति के बजाय स्टैंड-अप कॉमेडी या मिमिक्री की दुनिया में होते, तो किसी दूसरे कॉमेडियन के लिए बाजार ही नहीं बचता.
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विधानसभा में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उनके पिछले भाषण के बाद ऐसा लग रहा है कि कई लोगों को उनकी बातों से परेशानी हुई है. उन्होंने कहा, "विपक्ष के लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री को सुसंस्कृत भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर मेरे किसी शब्द पर आपत्ति है तो मैं वह शब्द वापस लेता हूं और उसकी जगह एक सुसंस्कृत विकल्प देता हूं. अब से हम ऐसे लोगों को 'भाड़े के गधे' या 'सुपारीबाज' कह सकते हैं."
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था, लेकिन कई लोगों ने स्वयं ही उस टिप्पणी को अपने ऊपर ले लिया. उन्होंने कहा, "मैंने तो सिर्फ हवा में टोपी उछाली थी, लेकिन न जाने क्यों कई लोगों ने उसे अपने सिर पर फिट मान लिया."
“राज ठाकरे स्टैंड अप कॉमेडी में होते तो किसी के लिए बाजार ही नहीं बचता”
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राज ठाकरे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि मनसे प्रमुख ने सवाल उठाया कि उन्होंने हिंदी में भाषण क्यों दिया, जबकि उनका पूरा भाषण मराठी में था. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "राज ठाकरे हमारे मित्र हैं और राजनीति में उनसे हमें कोई खतरा नहीं है. मुझे खुशी है कि वह राजनीति में हैं. अगर वह मिमिक्री या स्टैंड-अप कॉमेडी के क्षेत्र में चले जाते तो देश के किसी भी दूसरे कॉमेडियन का मार्केट बंद हो जाता."
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मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विधानसभा में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई. हाल के दिनों में विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज रही है और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिल रही है.