Advertisement
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP आंदोलन खत्म, दिल्ली मेट्रो के सभी 18 गेट खुले
जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी पुलिस मामले वापस लेने, एफआईआर वापस लेने की लिखित पुष्टि देने और कथित पेपर लीक विवाद से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने का फैसला किया है.
Advertisement
जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन समाप्त होने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने शनिवार शाम दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के प्रवेश द्वार (एंट्री गेट) खोल दिए. इससे पहले सुरक्षा कारणों के चलते कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थीं.
दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों के एंट्री गेट खुले
डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट अब खोल दिए गए हैं."
Advertisement
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद डीएमआरसी ने राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं बहाल करने की घोषणा की थी.
Advertisement
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन की वजह से बंद थे 18 मेट्रो स्टेशनों
शनिवार सुबह नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर डीएमआरसी ने केंद्रीय दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित कर दी थीं.
Advertisement
डीएमआरसी की एडवाइजरी के अनुसार लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद किए गए थे. अब सभी स्टेशनों पर सामान्य परिचालन बहाल कर दिया गया है.
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी. यह फैसला केंद्र सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद लिया गया.
सरकार के साथ सीजेपी के प्रतिनिधि ने की मीटिंग
Advertisement
नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह तथा सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका मौजूद रहे. बैठक में केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करने पर सहमति जताई.
जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी पुलिस मामले वापस लेने, एफआईआर वापस लेने की लिखित पुष्टि देने और कथित पेपर लीक विवाद से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने का फैसला किया है.
वहीं, सीजेपी नेताओं ने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान उठाई गई सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है. इसके बाद उन्होंने छात्रों से अपना धरना समाप्त कर घर लौटने की अपील की.
Advertisement
यह भी पढ़ें
सीजेपी की ओर से सौरव दास ने कहा कि सरकार ने सभी मांगें मान ली हैं, इसलिए अब जंतर-मंतर पर धरना जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है.