Advertisement
छत्तीसगढ़: माओवादियों की बड़ी साजिश नाकाम, 122 एरो बम और एके-47 की मैगजीन बरामद
छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, नगदी और सोना बरामद किया है. माओवाद विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को मिले 18 लाख रुपए कीमत का सामान जब्त किया गया. इसमें 16 लाख रुपए कीमत का 116 ग्राम का सोने का बिस्किट और 2 लाख रुपए नकद शामिल हैं.
Advertisement
छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में रविवार को चल रहे माओवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने बारसूर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले तोडमा गांव के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, नगदी और सोना बरामद किया है.
पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त किए
हाल ही में सरेंडर करने वाले माओवादियों से मिली पक्की जानकारी के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में लगभग 18 लाख रुपए कीमत का सामान जब्त किया गया. इसमें 16 लाख रुपए कीमत का 116 ग्राम का सोने का बिस्किट और 2 लाख रुपए नकद शामिल हैं.
Advertisement
इस बरामदगी को दंतेवाड़ा पुलिस और संयुक्त सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
Advertisement
यह जॉइंट सर्च ऑपरेशन बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) बद्री नारायण मीणा की देखरेख में चलाया गया. इस ऑपरेशन का नेतृत्व उन्होंने राकेश चौधरी और दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव राय जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर किया.
इंसास राइफल और एके-47 की मैगजीन बरामद
Advertisement
टीम ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया. इसमें एक इंसास राइफल (16 मैगजीन के साथ), चार एके-47 मैगजीन (68 राउंड के साथ), 23 एसएलआर मैगजीन (34 राउंड के साथ), पांच 12-बोर बंदूकें (सात राउंड के साथ), तीन बीजीएल लॉन्चर (एक शेल के साथ) शामिल थे. इसके अलावा दो कार्बाइन मैगजीन और अन्य गोला-बारूद जैसे .303 राउंड, चार्जर और 8एमएम कारतूस भी बरामद किए गए.
जंगल से मिले 122 एरो बम
सुरक्षा बलों ने एक रिवॉल्वर, एक एयर गन, दस खराब मजल-लोडिंग बंदूकें और कई तरह के बम भी जब्त किए. इन बमों में 122 एरो बम, छह टिफिन बम, चार पाइप बम, देसी ग्रेनेड और मोर्टार शामिल थे. साथ ही 20 डेटोनेटर, कॉर्डेक्स तार का एक बंडल, 14 प्रेशर कुकर और जिलेटिन से भरा एक स्टील का कंटेनर भी बरामद किया गया.
Advertisement
बरामद अन्य सामानों में यूनिफॉर्म का कपड़ा, दवाइयां, पर्चे और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें शामिल थीं, जिनके बारे में माना जाता है कि माओवादी इनका इस्तेमाल करते थे.
हमले के लिए छिपाकर रखा गया था सामान
जंगल में कई जगहों पर छिपाकर रखे गए ये हथियार और सामान हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के मकसद से जमा किए गए थे.
Advertisement
अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को सरेंडर और पुनर्वास नीति की सफलता का एक स्पष्ट उदाहरण बताया.
यह अहम जानकारी उन माओवादियों से मिली जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं. इससे पता चलता है कि इस इलाके में माओवादी विचारधारा से हटकर शांति और विकास की ओर झुकाव बढ़ रहा है. समय रहते हुई इस बरामदगी ने सुरक्षा बलों पर होने वाले संभावित बड़े हमलों को भी नाकाम कर दिया है.
यह भी पढ़ें
दंतेवाड़ा पुलिस ने बाकी माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें, सरेंडर करें और अपने परिवारों के साथ मुख्यधारा के समाज में वापस लौट आएं. उन्होंने स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों से भी इलाके में शांति बहाल करने और विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की है.