चंद्रनाथ रथ हत्याकांड- ममता की पार्टी पर बैन की मांग, क्या सच में TMC की मान्यता होगी रद्द? जानें क्या कहता है कानून
Chandranath Rath Murder: पश्चिम बंगाल में चंद्रनाथ रथ की हत्याकांड ने यहां के सियासत को गरमा दिया है. इस हत्या के लिए बीजेपी के कई नेता टीएमसी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में तनाव चरम पर है. बीजेपी की जीत के महज 48 घंटे के भीतर ही शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. इस हत्या ने सुबे की सियासत को और गरमा दिया है. इस घटना पर बीजेपी सांसद राहुल सिन्हा ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए टीएमसी (TMC0 की मान्यता रद्द करने की मांग की है.
बीजेपी सांसद राहुल सिन्हा ने क्या कहा?
राहुल सिन्हा ने कहा कि, ‘मैंने पहले भी कहा है कि टीएमसी की राजनीतिक मान्यता रद्द कर देनी चाहिए. वे चुनाव हार गए. अब ममता बनर्जी कह रही हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगी. जब उन्होंने देखा कि कोई भी तरीका काम नहीं आया, तो उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के पीए (PA) को निशाना बनाया और उनकी हत्या करवा दी. इस घटना की जांच चल रही है. मुझे उम्मीद है कि इसके पीछे जो भी है, वह जल्द ही पकड़ा जाएगा.’
चंद्रनाथ रथ की हत्या पर टीएमसी ने क्या कहा?
दूसरी ओर, TMC ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए खुद ही सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है. गौरतलब हो कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अबतक पांच लोगों से पूछताछ हुई है. लेकिन अब तक की जांच और पूछताछ में टीएमसी या उससे जुड़े किसी भी शख्स के शामिल होने की कोई बात सामने नहीं आई है. हालांकि, बीजेपी के तमाम नेता इस हत्याकांड के लिए टीएमसी को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.
क्या टीएमसी (TMC) की रद्द हो सकती है मान्यता?
जहां तक भारत में राजनीतिक पार्टियों की मान्यता रद्द करने का सवाल है, तो भारतीय कानून (जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951) चुनाव आयोग को किसी पार्टी का पंजीकरण रद्द करने का सीधा अधिकार नहीं देता है. सुप्रीम कोर्ट के 2002 के एक फैसले के अनुसार, पंजीकरण तभी रद्द हो सकता है जब वह धोखाधड़ी से लिया गया हो या पार्टी असंवैधानिक गतिविधियों में लिप्त पाई जाए.
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में एक थे जिनकी हत्या कर दी गई. परिवार वालों का कहना है कि वह छात्र जीवन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे और एक समय उन्होंने संन्यासी बनने की इच्छा भी जताई थी. पूर्वी मिदनापुर जिले के रहने वाले चंद्रनाथ रथ (42 ) भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मी थे. करीब 18 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद रथ ने 2019 में स्थायी रूप से सुवेंदु अधिकारी के पूर्णकालिक सहयोगी और निजी सहायक के रूप में काम शुरू किया. उस समय अधिकारी, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार में मंत्री थे.
सुवेंदु ने चंद्रनाथ रथ को चुना था निजी सहायक
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2021 विधानसभा चुनाव से पहले जब सुवेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हुए, तब भी चंद्रनाथ रथ उनकी परछाई की तरह उनके साथ रहे. 2021 में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर जीतने के बाद अधिकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने और उन्होंने रथ को अपना निजी सहायक चुना.
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