सुवेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में SIT का बड़ा खुलासा, हायर किए गए थे प्रोफेशनल शूटर, 72 घंटों तक की थी रेकी
SIT की जांच में खुलासा हुआ है कि सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के लिए पेशेवर शूटरों को काम पर रखा गया था, जिन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले 72 घंटों तक इलाके की रेकी की थी.
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उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड के बाद सूबे की सियासत सातवें आसमान पर है. टीएमसी (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है. बीजेपी इस हत्या का जिम्मेदार टीएमसी को ठहरा रही है. इस बीच जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी जिसे प्रोफेशनल शूटरों ने अंजाम दिया है. अनुमान है कि हमलावरों ने वारदात से तीन-चार दिन पहले इलाके की रेकी की थी.
शूटरों ने कैसे किया हमला?
बता दें कि यह वारदात बुधवार रात करीब 10:20 बजे जेस्सोर रोड स्थित दोहड़िया इलाके में हुई. 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ अपनी सफेद स्कॉर्पियो एसयूवी (SUV) से जा रहे थे. हमलावरों ने पहले एक कार के जरिए उनकी एसयूवी को पहले रोका और फिर मोटरसाइकिलों पर सवार शूटरों ने चंद्रनाथ रथ की कार को घेरकर अंधाधुंध गोलिया बरसानी शुरू कर दी. जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने Glock 47X पिस्तौलों का उपयोग किया.
हत्याकांड पर पुलिस ने क्या कहा?
घटना के बाद हमलावर अपनी बाइकों पर सवार होकर फरार हो गए. पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच के बाद बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. पश्चिम बंगाल के डीजीपी (DGP) सिद्ध नाथ गुप्ता के मुताबिक, घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस वर्तमान में हत्या का सुराग पाने के लिए क्षेत्र के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया?
चंद्रनाथ रथ के पोस्टमॉर्टम में तीन गोली लगने की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही ज्यादा खून बहने और आंतरिक अंगों के विफल होने के कारण उनकी मौत हो गई. बता दें कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
अपने करीबी की हत्या पर सुवेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
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सुवेंदु अधिकारी ने अपने सहायक की हत्या को कोल्ड-ब्लडेड और पूर्व नियोजित बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ की नंदीग्राम और हालिया भवानीपुर चुनाव में उनकी जीत में महत्वपूर्ण चुनावी प्रबंधन निभाने के कारण निशाना बनाया गया. बता दें कि टीएमसी ने भी इस हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. वहीं पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है.
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