बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत... अमित शाह के ‘5 धुरंधरों’ ने रचा गेम, पार्टी ने 206 सीटों के साथ किया क्लीन स्वीप जैसा प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर पहली बार सत्ता हासिल की, जिसकी रणनीति में अमित शाह की अहम भूमिका रही. भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को दूसरी बार हराया, जबकि शाह की टीम ने जमीनी स्तर पर जीत सुनिश्चित की.
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West Bengal Result 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार का विधानसभा चुनाव बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है. बीजेपी ने राज्य में पहली बार सत्ता हासिल कर नया इतिहास रच दिया है. इस जीत के पीछे सबसे ज्यादा चर्चा अमित शाह की रणनीति की हो रही है, जिन्होंने लंबे समय तक बंगाल में रहकर चुनावी जमीन तैयार की. बीजेपी ने इस चुनाव में 294 सीटों वाली विधानसभा में 206 सीटों पर जीत दर्ज की है. यह आंकड़ा सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एक मजबूत जनादेश को बताता है. खास बात यह रही कि पार्टी ने शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत की, जिससे तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ भी हिल गए.
भवानीपुर में बड़ा झटका
इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर देखने को मिला. यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया. यह लगातार दूसरी बार है जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनाव में मात दी. इसके अलावा टीएमसी के कई बड़े चेहरे जैसे मलय घटक, शशि पांजा और उदय गुहा भी अपनी सीट नहीं बचा सके.
अमित शाह की टीम ने संभाला मोर्चा
इस जीत के पीछे एक मजबूत टीम का भी योगदान रहा. अमित शाह के साथ उनके पांच धुरंधर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, भाजपा महासचिव सुनील बंसल, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब और आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की टीम ने मिलकर काम किया. इस टीम ने रणनीति से लेकर बूथ स्तर तक मैनेजमेंट को मजबूत किया. बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने अलग-अलग सामाजिक और जातीय समूहों को साधने का काम किया, वहीं भूपेंद्र यादव ने संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय किया. सुनील बंसल ने कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क तैयार किया, जबकि अमित मालवीय ने डिजिटल कैंपेन को धार दी. इन सभी प्रयासों का असर नतीजों में साफ दिखा.
दो तिहाई बहुमत के साथ मजबूत सरकार
पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है, लेकिन एक सीट पर मतदान रद्द होने के कारण फिलहाल 147 सीटों का बहुमत जरूरी था. बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर दो तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया है. यह जीत न सिर्फ सरकार बनाने के लिए पर्याप्त है, बल्कि एक स्थिर और मजबूत शासन का संकेत भी देती है. अगर पिछले चुनावों पर नजर डालें तो बीजेपी का सफर काफी दिलचस्प रहा है. साल 2016 में पार्टी को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं, जो 2021 में बढ़कर 77 हो गईं. वहीं वोट शेयर भी 4 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच गया. इस बार के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि बीजेपी अब बंगाल की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति बन चुकी है.
जीत के बाद क्या बोले PM मोदी?
बंगाल में जीत के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए दिल्ली में पार्टी के मुख्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. PM मोदी ने कहा कि बंगाल की पहली कैबिनेट मीटिंग में ही आयुष्मान भारत को मंजूरी मिलेगी. घुसपैठ करने वालों पर एक्शन लिया जाएगा. उन्होंने कहा, BJP की सरकार में महिलाओं को सुरक्षा का महौल मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा, पलायन रुकेगा. पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में सरकार बनने पर उन्होंने कहा- गंगोत्री से गंगासागर तक कमल ही कमल खिला है. सालों की साधना जब सिद्धि में बदलती है तो जो खुशी होती है वो खुशी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर देख रहा हूं. PM मोदी ने कहा, यह दिन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है. सालों की मेहनत आज सफलता में बदली है और इस जीत का पूरा श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को जाता है.
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बताते चलें कि पश्चिम बंगाल का यह चुनाव परिणाम सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक बदलाव की कहानी है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपने इस जनादेश को कैसे संभालती है और राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है.
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