Advertisement
वैष्णो देवी मंदिर में 550 करोड़ रुपए की हेराफेरी? कोर्ट की निगरानी में पंहुचा 20 टन चंडी का मामला
वकील दीपक शर्मा ने कोर्ट में एक अर्जी दी थी. उनका आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी में मिलावट, अदला-बदली और गबन हुआ है. इस चांदी की अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
Advertisement
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन में चढ़ावे की करीब 20 टन चांदी के 'नकली' होने और लगभग 550 करोड़ रुपए की हेराफेरी के आरोपों वाला मामला अब कोर्ट की निगरानी में आ गया है. जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने और सभी सबूत तुरंत सुरक्षित रखने का आदेश दिया है.
वैष्णो देवी मंदिर में 550 करोड़ रुपए की हेराफेरी का मामला
सीजेएम मुनीष कुमार मनहास ने यह आदेश 29 जुलाई को दिया. मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी.
Advertisement
वकील दीपक शर्मा ने कोर्ट में एक अर्जी दी थी. उनका आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी में मिलावट, अदला-बदली और गबन हुआ है. इस चांदी की अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
Advertisement
11 मई को चढ़ावे में हेराफेरी की शिकायत क्राइम ब्रांच को दी
दीपक शर्मा ने सबसे पहले 9 मई को जम्मू क्राइम ब्रांच के आईजी और एसएसपी, आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत दी थी. कोर्ट के सामने एसएसपी क्राइम ब्रांच, ईओडब्ल्यू जम्मू की रिपोर्ट रखी गई. रिपोर्ट के मुताबिक क्राइम ब्रांच को शिकायत 11 मई को मिली थी. 20 मई को इसे आगे की कार्रवाई के लिए क्राइम हेडक्वार्टर भेजा गया.
Advertisement
9 जून को क्राइम हेडक्वार्टर ने इसे जोनल पुलिस हेडक्वार्टर जम्मू को भेजने की मंजूरी दी. 13 जून को यह मामला आईजी जम्मू जोन को भेजा गया. इसके बाद जांच के लिए इसे एसएसपी रियासी को सौंपा गया और आखिर में भवन, कटरा के डीएसपी को जांच का जिम्मा दिया गया. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. मामला जांच के स्तर पर ही है.
वकील की कोर्ट से मांग की, सबूतों को फौरन सुरक्षित किया जाए
29 जुलाई की सुनवाई के दौरान वकील दीपक शर्मा ने कोर्ट से मांग की कि इस मामले से जुड़े सभी सबूतों को फौरन सुरक्षित किया जाए.
Advertisement
उन्होंने कहा कि बची हुई चांदी या चांदी जैसी दिखने वाली वस्तुएं, उनके सैंपल, बचे हुए टुकड़े, स्टॉक और वॉल्ट के रिकॉर्ड, वजन और भेजने के रजिस्टर, लैब और असे की रिपोर्ट, सरकारी टकसाल के कागज और चेन ऑफ कस्टडी से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं.
साथ ही सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक इन्वेंट्री डेटा, ऑफिशियल ईमेल, सर्वर लॉग, ऑडिट ट्रेल, अकाउंटिंग रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों को भी डिलीट या बदला न जाए.
कोर्ट ने सबूतों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए
Advertisement
अर्जी में कहा गया कि अगर चांदी को अभी पिघलाया, रिफाइन किया या इधर-उधर किया गया या कंप्यूटर डेटा डिलीट हो गया तो सबूतों की पहचान, वजन और शुद्धता हमेशा के लिए खराब हो जाएगी. इन दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने डीएसपी भवन, कटरा को निर्देश दिया कि वे सबूत सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कदम उठाएं और चल रही जांच की विस्तृत रिपोर्ट अगली तारीख पर पेश करें.
यह भी पढ़ें
वकील दीपक शर्मा ने कहा कि कोर्ट के इस आदेश से अब जांच और जरूरी सबूतों की सुरक्षा दोनों सीधे कोर्ट की निगरानी में आ गए हैं. उन्होंने कहा, "मेरी सबसे बड़ी चिंता यही है कि कोई भी भौतिक, कागजी या डिजिटल सबूत बदला, ट्रांसफर, नष्ट या डिलीट न हो जाए. श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह मामला है और इसमें सच्चाई सामने आनी चाहिए."