नेपाल से बिहार तक के मरीजों को UP में मिल रहा इलाज, लखनऊ में देश का सबसे बड़ा कैंसर ट्रीटमेंट नेटवर्क बना मददगार

CM Yogi: लखनऊ में कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान और वाराणसी में टाटा मेमोरियल की तर्ज पर बने केंद्रों की सफलता ने यूपी में स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर ही बदल दी है. स्थिति ये है कि अब बिहार व नेपाल तक के मरीज इलाज के लिए यूपी आ रहे हैं.

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05 Feb 2026
( Updated: 05 Feb 2026
12:55 PM )
नेपाल से बिहार तक के मरीजों को UP में मिल रहा इलाज, लखनऊ में देश का सबसे बड़ा कैंसर ट्रीटमेंट नेटवर्क बना मददगार
Image Source: Social Media

UP Cancer Treatment Network: कैंसर के इलाज के लिए अब उत्तर प्रदेश के मरीजों को दिल्ली या मुंबई की ओर रुख करने की मजबूरी नहीं रही. लखनऊ से वाराणसी तक स्थापित कैंसर ट्रीटमेंट नेटवर्क प्रदेश को देश में सबसे बड़ी व सुलभ कैंसर उपचार व्यवस्था के रूप में स्थापित कर रहा है. लखनऊ में कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान और वाराणसी में टाटा मेमोरियल की तर्ज पर बने केंद्रों की सफलता ने यूपी में स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर ही बदल दी है. स्थिति ये है कि अब बिहार व नेपाल तक के मरीज इलाज के लिए यूपी आ रहे हैं.

योगी सरकार के बहुस्तरीय प्रयासों का परिणाम है कि कैंसर की स्क्रीनिंग से लेकर सुपर स्पेशियलिटी इलाज और आर्थिक सहायता तक, हर स्तर पर सुविधाएं मजबूत हुई हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत स्वास्थ्य ढांचे का व्यापक विस्तार किया गया है.

कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में 220 बेड, एक छत के नीचे समग्र इलाज

लखनऊ के चक गजरिया में स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान आज अत्याधुनिक कैंसर उपचार का प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है. 220 बेड, आधुनिक रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और सर्जरी की सुविधाओं के साथ यह संस्थान एक ही छत के नीचे समग्र इलाज उपलब्ध करा रहा है.

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वाराणसी में त्वरित और प्रभावी इलाज

वाराणसी में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल पूर्वांचल के लिए जीवनरेखा साबित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों से शुरू हुए ये संस्थान टाटा मेमोरियल मॉडल पर कार्य कर रहे हैं. लखनऊ और वाराणसी के बीच विकसित यह सुविधा रेफरल सिस्टम, विशेषज्ञ परामर्श और तकनीकी सहयोग के जरिए मरीजों को त्वरित और प्रभावी इलाज दे रही है.

स्क्रीनिंग से लेकर सर्जरी तक मजबूत व्यवस्था

पिछले तीन वर्षों में सरकारी अस्पतालों में कैंसर ओपीडी, सफल सर्जरी और उपचार में बड़ी सफलता मिली है. जिला गैर-संचारी रोग (एनसीडी) क्लिनिक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई है. विशेष रूप से महिलाओं में स्तन व सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि बीमारी का पता शुरुआती चरण में ही चल सके और मृत्यु दर घटाई जा सके.

सीएम योगी का निर्देश, धन के अभाव में न रुके इलाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकना चाहिए. इसके तहत आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी संख्या में कैंसर मरीजों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है. आयुष्मान कार्ड जारी करने में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए अंतिम सुरक्षा कवच बना है. बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को सीधे अस्पतालों के माध्यम से आर्थिक सहायता दी गई है, जिससे धन के अभाव में इलाज न रुकने पाए.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक की दिशा में बढ़े कदम

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों में बाल चिकित्सा ऑन्कोलॉजी विभाग को सशक्त किया गया है, ताकि बच्चों में कैंसर का इलाज प्राथमिकता पर हो. साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को कैंसर जांच और उपचार में शामिल करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं.

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