'सातवें आसमान पर कांग्रेस के युवराज का अहंकार...', रवनीत बिट्टू को 'गद्दार' कहने को लेकर घिरे राहुल गांधी, PM मोदी ने घेरा
पीएम मोदी ने संसद में भाषण के दौरान कांग्रेस, राहुल गांधी और टीएमसी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार और उनकी पूरी शक्ति उनके द्वारा बिगाड़ी गई देश की छवि को धोने में जा रही है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं. पीएम मोदी ने इस दौरान देश की तरक्की, हालिया फैसलों और ट्रेड डील की चर्चा की. इस दौरान विपक्ष जोरदार हंगामा और नारे लगाता रहा. हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी स्पीच जारी रखी. उन्होंने कहा कि जो लोग थक गए, वो चले गए. उनका इशारा साफ तौर पर विपक्ष की ओर था, जिन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान सदन से वॉकआउट किया.
उन्होंने देश के युवा टैलेंट और शक्ति की तारीफ की. उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में दुनिया के कई देश बूढ़े हो रहे हैं, भारत युवा होता जा रहा है. इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश से अपील की कि वो कांग्रेसी सरकारों के दौरान के प्रधानमंत्रियों के लाल किले से दिए गए भाषणों का विश्लेषण करें, ताकि उनकी सोच का पता चल सके कि वो देश को किस ओर ले जाना चाहते थे.
'उनकी छवि धोने में जा रही हमारी शक्ति'
प्रधानमंत्री ने इस दौरान आगे कहा कि, "हमारी एनर्जी (ताकत) का एक बड़ा हिस्सा पिछली गलतियों को सुधारने में खर्च हो रहा है. उस दौरान दुनिया के मन में जो इमेज बनी थी, उसे मिटाने में बहुत मेहनत लगती है, उन्होंने चीजों को इतनी खराब हालत में छोड़ दिया था. इसीलिए हमने भविष्य के लिए तैयार नीतियों पर बहुत ज़ोर दिया है. आज देश नीति और रणनीति के आधार पर चलाया जा रहा है. भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है. 'सुधारो, काम करो, बदलो' के मंत्र पर चलते हुए हम आगे बढ़े हैं, और आज सच्चाई यह है कि देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो गया है."
पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के बाद आज वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है. दुनिया भारत की ओर उम्मीद और भरोसे के साथ देख रही है. दुनिया का झुकाव आज भारत की तरफ है. भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बना है. उन्होंने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट के जरिए इच्छाशक्ति दिखाई थी, जापान हमारा पार्टनर था. आज देश सामर्थ्य दिखा रहा है.
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले वोटबैंक की राजनीति होती रही. प्रधानमंत्रियों की लाल किले की प्राचीर से दिए गए भाषणों का विश्लेषण कर लें, समझ आ जाएगा कि उनके पास विज़न नहीं था. पीएम ने कहा कि उनकी गलतियों को ठीक करने में हमारी ज्यादातर ताकत लग रही है. आज भारत विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. आज दुनिया हमारे उद्यमियों को समान दृष्टि से देख रही है. एमएसएमई का नेटवर्क जितना सामर्थ्यवान होता है, आज इस पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है.
#WATCH | In Rajya Sabha, PM Modi says, "...India is signing future-ready trade deals with several countries. In the past few days, we signed trade deals with 9 big and important countries of the world. Mother of all deals with 27 countries, with European Union is one of them..." pic.twitter.com/qpOcOpVUks
ANI (@ANI) February 5, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन से लेकर अमेरिका तक हाल में हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया हमारी ट्रेड डील की तारीफ कर रही है. विश्व में अस्थिरता को लेकर जो चिंता थी, वह कम हुई है. हमारे युवाओं के लिए दुनिया का बाजार खुल चुका है.
'खुद को राजा माने और बात करे आर्थिक असमानता की'
उन्होंने कहा कि इस सदन में चर्चा का स्तर थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था. विपक्ष ने मौका गंवा दिया, देश कैसे भरोसा करे. एक सदस्य आर्थिक असमानता की बात कर रहे थे, जो खुद को राजा कहलाने में गर्व करते हैं. टीएमसी के लोग यहां उपदेश दे रहे थे, जो निर्मम सरकार के सारे पैरामीटर पूरे कर रहे हैं. घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों में ताकत लगा रहे हैं. घुसपैठिए नौजवानों की रोजी-रोटी और आदिवासियों की जमीन छीन रहे हैं. यहां आकर वे हमें उपदेश दे रहे हैं.
TMC-AAP पर भी पीएम मोदी ने बोला तीखा हमला
एक हमारे सदस्य काफी कुछ बोल रहे थे, जिनकी पूरी सरकार शराब में डूबी हुई है, वह काफी कुछ बोल रहे थे. ऐसे सभी साथियों से ये जरूर कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे. कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, लेफ्टये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे, सत्ता में भागीदार रहे. राज्यों में भी सरकारें चलाने का अवसर मिला. अब डील की चर्चा होती है, नागरिकों के जीवन में बदलाव आ रहा है. इनकी प्राथमिकता अपनी जेबें भरने की रही.
पीएम मोदी ने कहा कि हम विकसित भारत की ज़मीन तैयार कर रहे हैं. कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है. मोहब्बत की दुकान खोलने वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे हैं. ये कौन-सी मोहब्बत की दुकान है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करती है. क्या ये संविधान का अपमान नहीं है. इसके बाद भी वे बयान देंगेदेखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में भी रो रहा था.
2002 से लेकर 2014 तक, पिछले 25 साल में संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जिसमें मोदी को इस संसद में गाली देने का काम न किया हो. मुझसे किसी ने पूछा था स्वास्थ्य का राज, मैंने कहा था कि रोज़ दो किलो गाली खाता हूं. मोदी की कब्र ये क्यों खोदना चाहते हैंये नारा नहीं, इनके भीतर की नफरत का प्रतिबिंब है.
हमने 370 की दीवार गिरा दी. नॉर्थ ईस्ट में बम-बारूद की छाया समाप्त कर विकास की राह अपनाई. पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर करते हैं, माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिलाने के लिए साहसपूर्ण कदम उठाते हैंइसलिए मोदी की कब्र खोदनी है इनको. नेहरू जी ने देश के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया था, उसे हमने निलंबित कर दिया, क्या इसलिए कब्र खोदने की बात कर रहे हो.
‘विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं’
पीएम मोदी ने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा नहीं हो सकी. यह संविधान का अपमान है, आदिवासी परिवार से आई महिला राष्ट्रपति का अपमान है. विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है.
उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में एक बेहद दर्दनाक घटना घटी. सदन में ऐसा माहौल बना दिया गया. चेयर पर काग़ज़ फेंके गए. उस समय चेयर पर असम के एक सदस्य थेक्या ये असम का अपमान नहीं है. कल फिर काग़ज़ फेंके गए, तब चेयर पर आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य थे. भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया गया, तब इन्होंने उसका भी विरोध किया. ये असम का विरोध है, पूरे देश के कला-प्रेमियों का विरोध है. असम इसे भूलने वाला नहीं है.
'कांग्रेस के युवराज ने सरदार को कहा गद्दार!'
इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कह दिया. अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुंच गया है इनका. कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले, किसी और को नहीं कहा. ये सिख थे, ये सिखों का, गुरुओं का अपमान था.
सिखों के प्रति इनके मन में जो नफरत भरी है, उसी कारण कल ऐसा कहा गया. वह भी ऐसे व्यक्ति को कहा गया, जिनका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला परिवार है. सिख है, इसलिए गद्दार कहना, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
एक तरफ यह दर्द है, दूसरी तरफ सदानंद मास्टर का दर्द है. राजनीतिक द्वेष के कारण भरी जवानी में उनके दोनों पैर काट दिए गए. कटे पैरों के साथ ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में ज़रा भी कटुता नहीं है. जब उन्होंने अपने कृत्रिम अंग टेबल पर रखे, वह दृश्य बेहद पीड़ादायक था. हम ऐसे लोगों से राजनीति में जीने-मरने की प्रेरणा पाते हैं.
कांग्रेस के लिए देश के नागरिक समस्या, हमारे लिए समाधान: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि देश के कई जिले ऐसे थे, जिन्हें पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया था. मौलिक ज़रूरतें तक नकार दी गई थीं. ये इलाके और पिछड़े होते चले गए. पनिशमेंट पोस्टिंग ऐसे जिलों में दी जाती थी.
हमने स्थिति बदली. होनहार अफसरों को लगाया और तय किया कि तीन साल का मौका दिया जाएगा. बस्तर को देखिएआज विकास की धारा बह रही है. पहली बार बस पहुंची तो पूरे गांव ने उत्सव मनाया. क्रियान्वयन क्या होता है, इसका आकांक्षी जिला कार्यक्रम बड़ा उदाहरण है. ये लोग वही जीप-खच्चर वाला मॉडल जानते हैं.
उन्होंने सरदार सरोवर बांध का उदाहरण दिया. कहाजब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था, तब सरदार पटेल ने इसकी कल्पना की थी. मुख्यमंत्री रहते तीन दिन धरना दिया, खुद को दांव पर लगाया, तब जाकर ये बांध बना. मेरे सामने ऐसे कई प्रोजेक्ट आए जो वर्षों से अटके थे. हमने एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाया. अभी 50वीं बैठक हुई है. प्रधानमंत्री स्तर पर निगरानी के कारण 85 लाख करोड़ रुपये का काम आगे बढ़ा है.
रेल, रोड, सिंचाईसब कुछ इसमें शामिल किया. जम्मू-ऊधमपुर-बारामूला रेल लाइन, आज बर्फ के बीच से वंदे भारत निकलने का वीडियो वायरल हो रहा है. यही हिंदुस्तान है. हमारी सरकार ने इसे पूरा किया. असम की बात करूंकांग्रेस सिर्फ कल्पना करती थी. बोगी ब्रिज असम-अरुणाचल को जोड़ने वाला अहम पुल है, हमने वर्षों से लटके इस काम को पूरा किया.
हमने दुनिया से कहा था कि सोलर में 2030 तक लक्ष्य हासिल करेंगे, 2025 में ही कर दिखाया. हमारी सोच और कांग्रेस की सोच में फर्क है. हमारी सोच है कि 140 करोड़ देशवासी हमारी ताकत हैं. कांग्रेस देशवासियों को समस्या मानती है. नेहरू जी हों, इंदिरा जी हों या पूरी कांग्रेसी बिरादरी, इनकी सोच यही रही. मेरे कई बयान मिलेंगे चुनौतियां कितनी भी हों, 140 करोड़ समाधान हमारे पास हैं. ऐसी सोच वाले लोग देश नहीं, सिर्फ अपना परिवार देखते हैं.
'जीप-खच्चर मॉडल' सुनाकर पीएम मोदी का इंदिरा गांधी पर हमला!
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पास न इच्छाशक्ति थी, न नीति. देश आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है. 2014 से पहले कांग्रेस नेताओं के फोन पर बड़े-बड़े लोन दिए जाते थे, एनपीए बढ़ता जा रहा था.
हमने बैंकिंग सेक्टर में सुधार किए और आज एनपीए एक प्रतिशत से भी नीचे आ गया है. बिना गारंटी मुद्रा लोन से लेकर पीएसयू के रिकॉर्ड मुनाफे तकये पीएसयू आज मेक इन इंडिया को मजबूती दे रहे हैं. कांग्रेस नेताओं ने इन्हें बदहाली के कगार पर पहुंचा दिया था. हमने किसान सम्मान निधि के तहत चार लाख करोड़ रुपये किसानों तक पहुंचाए हैं. छोटे किसानों का दर्द हम समझते हैं.
उन्होंने इंदिरा गांधी के एक भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि पहाड़ी इलाकों में खच्चर की ज़रूरत है, लेकिन पैसा जीप के लिए ही मिलेगा. यही कांग्रेस की कार्यशैली थी. 2014 तक सब परेशान थे, लेकिन सुधार की इच्छाशक्ति नहीं थी. हमें मौका मिला तो हमने प्लानिंग कमीशन खत्म किया और नीति आयोग बनाया, जो आज तेज़ी से काम कर रहा है.
'PM पद को अपनी जागीर मानते हैं'
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि उन्हें दिक्कत इस बात से है कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे. उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है, कोई और नहीं बैठना चाहिए. उनका मानना है कि यह उनका पैतृक अधिकार था, इसलिए मोदी की कब्र खोदने का नारा लेकर चल रहे हैं.
कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने दशकों तक मौका दिया. आपने देश को गुमराह किया, गरीबी हटाओ के नारे दिए. लाल किले से कांग्रेस के किसी भी प्रधानमंत्री के भाषण में गरीबी हटाने की बात न आई हो, ऐसा कभी नहीं हुआ. लेकिन क्या किया गया, इसका कोई हिसाब नहीं है.
मैं देश के गरीबों को सलाम करता हूं कि उन्होंने योजनाओं को समझा, अपनाया और अपनी सामर्थ्य बढ़ाने का प्रयास किया. 25 करोड़ गरीब परिवारों के भाइयों-बहनों ने गरीबी को परास्त किया है और गरीबी से बाहर आए हैं.
हमने सारी मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बंद कराईं, इसलिए मोदी की कब्र खोदने में लगे हैं. 18 हजार ऐसे गांव थे, जिन्होंने कभी ‘बिजली’ शब्द तक नहीं सुना था. उन गांवों में हमने उजाला पहुंचाया, इसलिए इनके पास मोदी की कब्र खोदने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. एक वक्त था जब सरहद की स्थिति को लेकर रोज़ हेडलाइन बनती थी. हमने उस स्थिति को बदला. ये लोग मोहब्बत की दुकान के साइनबोर्ड लगाते हैं, लेकिन बातें नफरत की करते हैं.
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इनकी सरकार रिमोट से चलती थी. मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है, लेकिन मेरी सरकार का रिमोट 140 करोड़ लोगों के हाथ में है. सत्ता हमारे लिए सुख का माध्यम नहीं, सेवा का माध्यम है. कांग्रेस ने कभी स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा ही नहीं दिया. इनका हाल यह है कि अपने घर के स्टार्टअप को भी लिफ्ट नहीं कर पा रहे हैं. हमारी सरकार में आज दो लाख से ज्यादा स्टार्टअप काम कर रहे हैं.
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