यूपी में अब चाइनीज मांझे से हुई मौत तो दर्ज होगा हत्या का केस, CM योगी का पुलिस को सख्त निर्देश, पूरे प्रदेश में होगी छापेमारी

यूपी के सीएम योगी उन्होंने कहा कि बैन के बावजूद मांझा बाजार तक कैसे पहुंच रहा है. मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि चाइनीज मांझे से हुई मौत को हत्या माना जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

यूपी में अब चाइनीज मांझे से हुई मौत तो दर्ज होगा हत्या का केस, CM योगी का पुलिस को सख्त निर्देश, पूरे प्रदेश में होगी छापेमारी
Yogi Adityanath (File Photo)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा इलाके में चाइनीज मांझे से हुई एक दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना में 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब की गर्दन कटने से हुई मौत का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त संज्ञान लिया है. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि बैन होने के बावजूद चाइनीज मांझा आखिर बाजार तक कैसे पहुंच रहा है. उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि अब चाइनीज मांझे से होने वाली मौत को हत्या माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस को दिए प्रदेश में अभियान चलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी पुलिस प्रमुखों को आदेश दिए हैं कि चाइनीज मांझे के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाए. यह अभियान केवल राजधानी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ कार्रवाई हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचना जरूरी है. उन्होंने उच्च स्तरीय समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतिबंध केवल कागजों तक सीमित न रह जाए.

हत्या का दर्ज होगा मुकदमा

योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि अगर अब चाइनीज मांझे से किसी व्यक्ति की जान जाती है तो हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा. जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा. चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने पुलिस से कहा है कि इस अवैध नेटवर्क की पहचान कर तत्काल छापेमारी की जाए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो.

चाइनीज मंझे को किया गया है बैन

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने प्रदेश में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे को लेकर कहा कि इससे होने वाली घटनाओं को पूरी तरह से गंभीरता से लेते हुए इसके पूर्ण रोक के लिए कार्रवाई करनी होगी. इसके लिए सभी जिलों में अधिकारी उच्चस्तर पर समीक्षा करने का निर्देश दिया है. 

प्रदेश में एक साल में हुईं आठ मौत 

गौरतलब है कि बीते एक साल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चाइनीज मांझे से हुई आठ मौतों की पुष्टि हो चुकी है. बीते बुधवार को लखनऊ के हैदरगंज ओवरब्रिज पर मोहम्मद शोएब की जान चली गई. इससे पहले जौनपुर में डॉक्टर समीर हाशमी की भी इसी वजह से मौत हुई. मेरठ में साल 2026 में अब तक कई लोग इस खतरनाक मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. अक्टूबर 2025 में शाहजहांपुर के रवि शर्मा की मौत हुई थी. जनवरी 2025 में ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन की जान भी चाइनीज मांझे ने ले ली थी. सितंबर 2025 में अलीगढ़ में सलमान नाम के युवक की मौत दर्ज की गई. मकर संक्रांति के मौके पर तो देशभर से गला कटने और घायल होने की कई खबरें सामने आई थीं.

क्यों जानलेवा है चाइनीज मांझा 

अब सवाल उठता है कि आखिर चाइनीज मांझा इतना खतरनाक क्यों है. चाइनीज मांझे को प्लास्टिक या सिंथेटिक मांझा भी कहा जाता है. यह पारंपरिक सूती मांझे से बिल्कुल अलग होता है. इसे नायलॉन, पॉलिएस्टर या अन्य प्लास्टिक आधारित पतले धागे से बनाया जाता है. इसके बाद इस धागे पर कांच और धातु के बेहद बारीक कण लगाए जाते हैं. इनमें एल्युमिनियम पाउडर, स्टील या आयरन पाउडर, टंगस्टन कार्बाइड जैसे मेटल पाउडर शामिल होते हैं. ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन इनकी धार बेहद जानलेवा होती है.

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बताते चलें कि चाइनीज मांझे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ सख्ती के बाद माना जा रहा है कि चाइनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई का असर जमीन पर दिखेगा. अगर पुलिस और प्रशासन पूरी ईमानदारी से अभियान चलाते हैं, तो कई मासूम जिंदगियों को बचाया जा सकता है. अब देखना यह है कि यह सख्ती कितनी तेजी और मजबूती से लागू होती है.

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