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50 करोड़ कैश, 15 किलो सोना… गिनते-गिनते मशीनें भी हांफ गई, सरकारी बसें चलाने वाला कैसे बना कैशलोक का मालिक?
आधे कमरे में बिखरे नोट, जहां तहां रखा सोना और बेशकीमती गहने. इतना खजाना की अधिकारियों के लिए हिसाब लगाना मुश्किल हो गया. मशीनें नोट गिनते-गिनते हांफ गई.
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पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार के आते ही भ्रष्टाचारियों पर चुन-चुनकर एक्शन लिया जा रहा है. जनता की गाढ़ी कमाई से खजाना भरने वालों पर एक्शन लिया जा रहा है. इसी कड़ी में पुलिस ने बीरभूम जिले मोहम्मद बाजार के एक घर में छापा मारा तो हैरान रह गई. यहां का नजारा किसी फिल्म सीन जैसा था, जहां बोरियों में भरकर इतना कैश जमा कर लिया गया था कि एक गांव खरीद लिया जाए.
आधे कमरे में बिखरे नोट, जहां तहां रखा सोना और बेशकीमती गहने. इतना खजाना की अधिकारियों के लिए हिसाब लगाना मुश्किल हो गया. मशीनें नोट गिनते-गिनते हांफ गई. अधिकारियों को अलग-अलग शिफ्ट में गिनना पड़ा दौलत का ये भंडार जिसके घर से मिला है वो पहले रोडवेज बस का ड्राइवर था. नाम है मीनार मंडल, जो कि फरार पत्थर कारोबारी टुलू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का साला है.
24 घंटे तक चली छापेमारी
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लगभग 24 घंटे तक चली छापेमारी, तलाशी अभियान और पूछताछ के बाद पुलिस ने मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का ये अभियान बुधवार दोपहर को शुरू हुआ था, जो कि गुरुवार तक चला. इस अभियान के दौरान पुलिस ने मीनार मंडल के घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया. बरामद नकदी की गिनती के लिए पुलिस को स्थानीय बैंक शाखा से करेंसी काउंटिंग मशीनें लानी पड़ी.
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कैश गिनते-गिनते हांफ गईं मशीनें
बुधवार को शुरू हुई नोटों की गिनती गुरुवार तक जाकर पूरी हुई. जांच दल के एक सदस्य ने बताया कि बरामद नकदी की कुल राशि 28 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा पाई गई. उन्होंने बताया कि इसके अलावा मीनार मंडल के घर से 15 किलोग्राम सोना भी बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 21 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
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उन्होंने कहा, ‘बरामद नकदी और सोने की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है.’ मीनार मंडल को गिरफ्तार करने के बाद पहले स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया. वहीं, पुलिस उसके घर से नकदी और सोने से भरे दो ट्रंक भी अपने साथ ले गई.
आपराधिक सिंडिकेट से जुड़ा कनेक्शन!
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने बताया कि शुरुआत में मीनार मंडल ने इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोने के स्रोत को लेकर पुलिस के बार-बार पूछे गए सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया. हालांकि, बाद में उसने स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था.
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था. उन्हीं डकैतों से मिली जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में नकदी और सोने के इस बड़े जखीरे का पता चला. इसके बाद बुधवार दोपहर उसके घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार सुबह तक जारी रहा.
सरकारी बसें चलाने वाला कैसे बना कैशलोक का मालिक
Commendable job by our Law Enforcement personnel for the crackdown on Sand Mafia.
Following a precise operation based on source based information, Birbhum Police conducted a major raid under Mohammad Bazar PS targeting the hideout of illegal sand mafia Tullu Mondal alias Mohd… pic.twitter.com/Ln4XJCWKKY— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 29, 2026Advertisement
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बताया जाता है कि मीनार मंडल राज्य परिवहन निगम में बस चालक था. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तुलु मंडल के पत्थर खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था. तुलु मंडल को बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है. अनुव्रत मंडल ने अब ऋतब्रत बनर्जी का गुट ज्वइन कर लिया है.
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मीनार मंडल के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने से उसके पड़ोसी भी हैरान रह गए हैं. इससे पहले भी पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं.
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CM सुवेंदु ने टीम को दी शाबाशी
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इस बड़ी छापेमारी और बरामदगी के बाद बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा है कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सराहनीय काम किया है. उन्होंने छापेमारी की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर कीं.