Advertisement
'बंगाल में लोकतंत्र नहीं, TMC का गुंडाराज...', दूसरे चरण के मतदान से पहले ममता सरकार पर फिर भड़के राहुल गांधी, जानें पूरा मामला
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राहुल गांधी ने आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या को लेकर टीएमसी पर निशाना साधा. उन्होंने राज्य में ‘गुंडाराज’ का आरोप लगाया; जानकारों के मुताबिक बयान से चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं.
Advertisement
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अब अपने समापन की ओर है. सूबे में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होना है. ऐसे में अंतिम चरण में आने वाले जिलों की तमाम विधानसभा सीटों पर सियासी दलों ने प्रचार अभियान में पूरा जोर लगा दिया है. चुनाव में सीधी लड़ाई भले ही सत्ताधारी टीएमसी और विपक्ष की बीजेपी के बीच हो, लेकिन कांग्रेस की भूमिका लगातार ममता बनर्जी के लिए चुनौती बनती दिख रही है. पहले चरण के मतदान से पहले ममता सरकार पर हमला बोलने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दूसरे चरण से पहले एक बार फिर ममता सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में गुंडाराज का आरोप लगाया है.
दरअसल, पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कांग्रेस के कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव बाद हत्या पर कड़ी आलोचना की है. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर देबदीप की हत्या के आरोप लगाए हैं. राहुल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र नहीं, टीएमसी का गुंडाराज चल रहा है. राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस के कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव बाद टीएमसी से जुड़े गुंडों की ओर की गई हत्या बेहद निंदनीय है.' कांग्रेस सांसद ने कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. राजनीतिक जानकारों की मानना है कि राहुल गांधी की ममता सरकार पर सीधा हमला चुनाव में बीजेपी के लिए बाद मददगार साबित होने वाला है. क्योंकि बंगाल में सीधा लड़ाई टीएमसी और बीजेपी के बीच है.
बंगाल में लोकतंत्र नहीं: राहुल गांधी
Advertisement
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, 'पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र नहीं, टीएमसी का गुंडाराज चल रहा है. वोट के बाद विरोधी आवाजों को डराना, मारना, मिटाना, यही टीएमसी का चरित्र बन चुका है. कांग्रेस की राजनीति कभी हिंसा पर नहीं टिकी, और न कभी टिकेगी. हमने भी अपने कार्यकर्ता खोए हैं, फिर भी हमने हमेशा अहिंसा और संविधान का रास्ता चुना है. यही हमारी विरासत है, यही हमारा संकल्प.' इसके साथ ही, उन्होंने परिवार को पूर्ण सुरक्षा और मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'मांग स्पष्ट है- सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कठोरतम सजा मिले और देबदीप के परिवार को पूर्ण सुरक्षा व मुआवजा सुनिश्चित किया जाए.' कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में यह भी कहा कि भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करने वाली इस राजनीति के सामने झुकेंगे नहीं. न्याय होकर रहेगा.
Advertisement
पहले भी राहुल गांधी ने जारी किया था वीडियो
जानकारी देते चलें कि इससे पहले राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दिन वीडियो जारी करते हुए ममता सरकार पर हमला बोला था. राहुल गांधी ने वीडियो में कहा था कि 'अगर ममता जी ने साफ-सुथरी सरकार चलाई होती, अगर उन्होंने बंगाल में ध्रुवीकरण नहीं किया होता तो बीजेपी के लिए रास्ता नहीं खुलता. कांग्रेस BJP से लड़ती है. BJP भी यह जानती है कि सिर्फ कांग्रेस ही उसे रोक सकती है.’ राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया पर बंगाल बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि ‘राहुल गांधी TMC के बारे में लगातार सच उजागर कर रहे हैं. राहुल जी, आपका फिर से धन्यवाद.’
Advertisement
बंगाल कांग्रेस ने भी साधा TMC पर निशाना
इससे पहले, कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने आरोप लगाया कि देबदीप पर सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों ने हमला किया और उसे बेरहमी से पीटा, जिसके कुछ ही समय बाद चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई. कांग्रेस की राज्य इकाई के अनुसार, देबदीप चटर्जी को आसनसोल उत्तर से कांग्रेस उम्मीदवार प्रसेनजीत पुइतांडी के साथ मिलकर काम करने के लिए जाना जाता था. पार्टी ने कहा, 'यह दुखद घटना राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से ध्वस्त होने को उजागर करती है और पश्चिम बंगाल में विपक्षी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है. यह तथ्य कि मतदान के तुरंत बाद ऐसी हिंसा हुई है, राजनीतिक धमकियों और बदले की भावना के एक बेहद परेशान करने वाले पैटर्न को दर्शाता है.'
यह भी पढ़ें
फिलहाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच बढ़ती सियासी बयानबाजी और हिंसा के आरोपों ने माहौल और गरमा दिया है. एक ओर राहुल गांधी टीएमसी पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो वहीं सत्ताधारी दल इन दावों को खारिज कर रहा है. अब सभी की नजरें आने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे.