Advertisement

Loading Ad...

'मैं आज ही कुर्सी छोड़ दूंगा...', बंगाल पहुंचे असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने क्यों कही ऐसी बात? जानें पूरा मामला

वेस्ट बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 93% रिकॉर्ड वोटिंग को ऐतिहासिक बताते हुए चुनाव आयोग का धन्यवाद किया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि असम के डिटेंशन कैंपों में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है, और अगर ऐसा साबित हुआ तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं.

Image Source: IANS
Loading Ad...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. इसी कड़ी में प्रचार करने पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कई बड़े बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है. पहले चरण में हुई रिकॉर्ड वोटिंग को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग की सराहना की और इसे लोकतंत्र के लिए बेहद सकारात्मक संकेत बताया.

रिकॉर्ड वोटिंग पर चुनाव आयोग की सराहना

हिमंता सरमा ने कहा कि 93 प्रतिशत मतदान एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मतदान करना दिखाता है कि जनता लोकतंत्र के प्रति जागरूक है. सरमा ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग और पूरी टीम का आभार भी जताया. उनके मुताबिक यह वोटिंग प्रतिशत आने वाले चरणों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला है.

Loading Ad...

डिटेंशन कैंप पर बड़ा बयान

Loading Ad...

प्रचार के दौरान सरमा ने डिटेंशन कैंप के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि असम के डिटेंशन कैंपों में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है. अगर ऐसा एक भी मामला सामने आता है, तो वह तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं. उनका यह बयान सीधे तौर पर विपक्ष के उन आरोपों का जवाब माना जा रहा है, जिनमें डिटेंशन कैंपों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं.

अवैध प्रवासियों पर कानून की बात

Loading Ad...

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा असम को अवैध प्रवासियों को लेकर अहम अधिकार दिए गए हैं. अवैध प्रवासी निष्कासन अधिनियम 1948 के तहत अगर किसी अधिकारी को संदेह होता है कि कोई व्यक्ति घुसपैठिया है, तो उसे 48 घंटों के भीतर देश से बाहर किया जा सकता है. सरमा का मानना है कि यह कानून देश के अन्य राज्यों में भी लागू होना चाहिए, ताकि अवैध प्रवासन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके.

घुसपैठ पर जताई चिंता

हिमंता सरमा ने अपने बयान में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर इस पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो पश्चिम बंगाल की जनसंख्या संरचना में बड़ा बदलाव आ सकता है. उनका कहना है कि इसका असर सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश पर पड़ेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जब किसी क्षेत्र में आबादी का संतुलन बिगड़ता है, तो सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी सामने आने लगते हैं.

Loading Ad...

विपक्ष पर निशाना

सरमा ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल का चुनाव सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे देश पर महसूस किया जाएगा. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी पर सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन पार्टी किसी भी राज्य में धार्मिक शासन की मांग नहीं कर रही है. उनका कहना है कि असली चिंता देश की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को लेकर है.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि हिमंता बिस्वा सरमा के इन बयानों ने चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन मुद्दों का चुनावी परिणामों पर कितना असर पड़ता है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...