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ममता के चक्रव्यूह में फंसे हुमायूं कबीर! एक वीडियो ने खत्म कर दी उनकी राजनीति... वोटिंग से ठीक पहले किसने किया यह खेला?
पश्चिम बंगाल में वोटिंग से ठीक पहले हुमायूं कबीर का एक विवादित वीडियो वायरल होना उनकी राजनीतिक मुश्किलों का कारण बन गया है, जिसके बाद अब ओवैसी ने भी गठबंधन तोड़ दिया है.
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आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने 'एक हजार करोड़ रुपए की डील' संबंधी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने टीएमसी को चुनौती देते हुए उससे सबूत मांगे हैं.
हुमांयू कबीर ने कथित स्टिंग वीडियो के मांगे सबूत
कथित स्टिंग वीडियो के बाद शुक्रवार को हुमायूं कबीर मीडिया के सामने आए और टीएमसी के आरोपों पर अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा, "टीएमसी को सबूत देना चाहिए. टीएमसी में हिम्मत है तो मेरा वीडियो, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया, उसके सबूत दिखाए. मैं बॉबी हकीम (फिरहाद हकीम) को चुनौती देता हूं कि वे उस व्यक्ति को सामने लाएं जो वीडियो में दिख रहा है, वह व्यक्ति जिसके साथ मैं बैठा हुआ और पैसों के बारे में चर्चा करता हुआ नजर आ रहा हूं”. एजेयूपी के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मेरा किसी अन्य दल के साथ लेना-देना नहीं है. उन्होंने आगे कहा, "मैं जितने दिन जाऊंगा, अपने समुदाय को साथ लेकर चलूंगा”.
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ओवैसी के गठबंधन तोड़ने पर हुमायूं कबीर ने क्या कहा?
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ओवैसी के गठबंधन तोड़ने पर हुमायूं कबीर ने कहा कि इस बारे में एआईएमआईएम (AIMIM) के नेताओं से सवाल पूछा जाना चाहिए. 25 मार्च को ओवैसी ने हमारे साथ गठबंधन की घोषणा की थी. अब गठबंधन क्यों तोड़ा, इस बारे में एआईएमआईएम के नेताओं से पूछा जाए.
TMC का दावा- हुमायूं कबीर ने BJP के साथ 1,000 करोड़ में डील की
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इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ 1,000 करोड़ रुपए की डील करने का आरोप लगाया. पार्टी ने दावा किया, "वीडियो में हुमायूं कबीर खुले तौर पर यह स्वीकार करते हैं कि भाजपा ने उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने के लिए 1,000 करोड़ दिए थे. साथ ही, वह यह भी दावा करते हैं कि हिमंत बिस्वा सरमा, मोहन यादव जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इस 'साजिश' में शामिल थे”.
आखिर किसने किया वोटिंग ठीक पहले खेला?
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एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने एक ऑडियो क्लिप भी जारी की, जिसमें कथित तौर पर कबीर को किसी अज्ञात व्यक्ति से इसी तरह की बातें करते हुए सुना गया.