Advertisement
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, मतदान से पहले 48 घंटे ‘ड्राई डे’ लागू, शराब बिक्री पर पूरी रोक
आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की घोषणा की थी. साथ ही छह राज्यों में उपचुनाव की भी घोषणा की गई थी.
Advertisement
चुनाव आयोग ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल के चुनाव वाले क्षेत्रों और पूरे तमिलनाडु में मतदान से पहले 48 घंटे का ‘ड्राई डे’ लागू किया जाएगा.
शराब बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का उपयोग करते हुए आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदान खत्म होने से पहले के 48 घंटों के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, दुकान या सार्वजनिक/निजी स्थान पर शराब की बिक्री या वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
Advertisement
यह रोक क्लब, बड़े होटल और रेस्टोरेंट और उन सभी जगहों पर लागू होगी, जिनके पास शराब रखने या बेचने का लाइसेंस है. आयोग ने कहा कि इन जगहों पर तय समय के दौरान शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी.
Advertisement
री-पोल और मतगणना के दिन भी लागू रहेगा नियम
बयान में कहा गया है कि कानून के अनुसार, जहां-जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वहां मतदान खत्म होने के समय से पहले के 48 घंटों को ‘ड्राई डे’ घोषित किया जाएगा. अगर दोबारा मतदान (री-पोल) होता है, तो उस दिन भी यही नियम लागू रहेगा.
Advertisement
निगरानी के सख्त निर्देश
बिना लाइसेंस वाली जगहों पर शराब के भंडारण पर भी सख्ती से नजर रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.
यह ‘ड्राई डे’ हर चरण के मतदान और किसी भी री-पोल के दौरान लागू रहेगा. इसके अलावा, वोटों की गिनती वाले दिन यानी 4 मई को भी उन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यही प्रतिबंध लागू रहेगा, जहां मतदान हुआ है.
Advertisement
चुनाव कार्यक्रम
आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की घोषणा की थी. साथ ही छह राज्यों में उपचुनाव की भी घोषणा की गई थी.
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी.
Advertisement
यह भी पढ़ें
यह निर्देश चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों को रोकने और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जारी किया गया है.