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बंगाल में अमित शाह का मास्टर प्लान एक्टिव... 175 सीटों का टारगेट, 15 दिन के कैंप से बदलेंगे चुनावी समीकरण?
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है. वे 15 दिनों तक राज्य में रहकर चुनावी कमान संभालेंगे. भवानीपुर से उन्होंने दावा किया कि बीजेपी 175 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में आएगी. यहां पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के खिलाफ उतारा है.
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Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अब महज गिनती के दिन रह गए हैं. राज्य की सत्ता हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इसी कड़ी में बीजेपी के चाणक्य माने जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान लगातार 15 दिनों तक बंगाल में ही डेरा डालेंगे. इस फैसले ने साफ कर दिया है कि बीजेपी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और चुनाव को हर हाल में जीतने की रणनीति पर काम कर रही है.
भवानीपुर से दिया बड़ा संदेश
अमित शाह का यह ऐलान भवानीपुर की धरती से आया, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है. यहां आयोजित एक बड़ी रैली में शाह ने दावा किया कि बीजेपी 294 सीटों वाली विधानसभा में 175 से ज्यादा सीटें जीतकर इतिहास रचेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर भवानीपुर की जनता बीजेपी को जीत दिलाती है, तो सत्ता परिवर्तन तय हो जाएगा. यह बयान साफ तौर पर ममता बनर्जी को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.
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शुभेंदु अधिकारी पर दांव
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बीजेपी ने भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है, जो पहले ही नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर सुर्खियों में आ चुके हैं. इस बार पार्टी ने उन्हें दो अहम सीटों से उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. इससे साफ है कि बीजेपी इस चुनाव को हाई-प्रोफाइल बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है.
क्या है 15 दिन का मास्टर प्लान?
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सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह का यह 15 दिनों का प्रवास सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं रहेगा. वे राज्य के अलग-अलग इलाकों में जाकर रात बिताएंगे और वहीं से चुनावी रणनीति तैयार करेंगे. सिलीगुड़ी, बालुरघाट, हुगली, खड़गपुर और दुर्गापुर जैसे इलाकों में उनका खास फोकस रहेगा. इन क्षेत्रों में बीजेपी ने पिछले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था और पार्टी इसे और मजबूत करना चाहती है. इस पूरे प्लान में खास ध्यान उन 40 सीटों पर होगा, जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुत कम अंतर से हार गई थी. पार्टी का मानना है कि अगर इन सीटों पर बेहतर रणनीति अपनाई जाए, तो जीत हासिल की जा सकती है.
रात 2 बजे तक चलेगी रणनीति
अमित शाह की कार्यशैली को लेकर पार्टी के भीतर काफी चर्चा है. बताया जा रहा है कि उनके प्रवास के दौरान देर रात तक बैठकें होंगी, जो कई बार 2 बजे तक चल सकती हैं. इन बैठकों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधे फीडबैक लिया जाएगा. साथ ही नाराज नेताओं को मनाने और टिकट वितरण से जुड़े विवादों को सुलझाने की भी कोशिश होगी. यह रणनीति संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है. बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अमित शाह इस तरह का गहन चुनावी कैंप करने जा रहे हैं. इससे पहले वे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार के चुनावों में भी इसी रणनीति को अपना चुके हैं. खासकर बिहार में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के पीछे उनकी क्लस्टर रणनीति को अहम माना गया था. अब वही मॉडल बंगाल में लागू किया जा रहा है.
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क्या बदल पाएगा बंगाल का समीकरण?
साल 2021 के चुनाव में बीजेपी ने 3 से बढ़कर 77 सीटें हासिल की थीं, जो एक बड़ी छलांग थी. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने वापसी करते हुए बीजेपी को पीछे छोड़ दिया. अब पार्टी की नजर उन सीटों पर है, जहां वह जीत के करीब पहुंचकर हार गई थी.
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बताते चलें कि बंगाल में सियासी लड़ाई अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. अमित शाह का 15 दिन का यह मिशन कितना असरदार साबित होगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा. लेकिन इतना तय है कि इस बार चुनाव में मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है और हर कदम पर रणनीति की परीक्षा होगी.