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हसीन जहां की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया, दिल्ली में केस ट्रांसफर की मांग

मोहम्मद शमी ने अप्रैल 2014 में हसीन जहां के साथ निकाह किया था, जिसके बाद जुलाई 2015 में उनकी बेटी का जन्म हुआ. साल 2018 में हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया.

रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया है. हसीन जहां ने घरेलू हिंसा और गुजाराभत्ता से जुड़े मामले को कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर किए जाने की मांग की है.

सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया

हसीन जहां ने अर्जी में कहा है कि वह अपनी बेटी की अच्छी शिक्षा के लिए दिल्ली शिफ्ट हो गई हैं. इस वजह से वह पश्चिम बंगाल में होने वाली अदालती सुनवाई में शामिल नहीं हो पाएंगी.

हसीन जहां की तरफ से कहा गया है कि क्रिकेटर मोहम्मद शमी देशभर में घूमते हैं और इसलिए उनके पास दिल्ली में केस लड़ने के लिए काफी रिसोर्स और तरीके हैं. उनका परिवार भी उत्तर प्रदेश में रहता है, जो कोलकाता के मुकाबले दिल्ली के ज्यादा पास है.

कुछ महीनों पहले ही हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में ही एक याचिका दाखिल कर अपने और बेटी के लिए गुजारा भत्ता 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति माह करने की गुहार लगाई थी. उस पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर मोहम्मद शमी और पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब देने को कहा है.

शमी ने अप्रैल 2014 में किया था हसीन जहां से निकाह

मोहम्मद शमी ने अप्रैल 2014 में हसीन जहां के साथ निकाह किया था, जिसके बाद जुलाई 2015 में उनकी बेटी का जन्म हुआ. साल 2018 में हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया. इसके साथ ही शमी पर मैच फिक्सिंग के साथ अन्य महिलाओं से संबंध रखने का भी आरोप लगाया.

यह मामला जादवपुर थाने में आईपीसी की धाराओं 498ए, 328, 307, 376, 325 और 34 के तहत दर्ज हुआ था. इसके साथ ही, भरण-पोषण के लिए उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत भी याचिका दायर की.

मोहम्मद शमी फिलहाल रणजी ट्रॉफी में व्यस्त हैं, जहां उन्होंने हाल ही में बंगाल की ओर से खेलते हुए जम्मू-कश्मीर के खिलाफ मुकाबले में कुल 9 विकेट हासिल किए थे.

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