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शिवम दुबे की विस्फोटक पारी, एमएस धोनी की सलाह से बदली सोच, 6 छक्कों से भारत को दिलाई जीत

शिवम दुबे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह टी20 फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए कितने अहम खिलाड़ी बन चुके हैं.

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19 Feb 2026
( Updated: 19 Feb 2026
07:55 AM )
शिवम दुबे की विस्फोटक पारी, एमएस धोनी की सलाह से बदली सोच, 6 छक्कों से भारत को दिलाई जीत
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ऑलराउंडर शिवम दुबे ने नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम, अहमदाबाद में नीदरलैंड के खिलाफ 66 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय टीम को 17 रन से मिली जीत में बड़ी भूमिका निभाई. अपनी पारी के दौरान दुबे ने 6 छक्के लगाए. 

मध्यक्रम की मजबूत कड़ी बने दुबे

शिवम दुबे पिछले कुछ समय में टी20 फॉर्मेट में भारतीय टीम के मध्यक्रम की मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैं. बड़े शॉट लगाने के साथ ही दुबे मुश्किल समय में सिंगल और डबल से भी पारी को मजबूती देते हैं. अपनी बल्लेबाजी के अंदाज में स्पष्टता का श्रेय दुबे ने पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी को दिया है. 

धोनी की सलाह से बदली सोच

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मैच के बाद जियो हॉटस्टार पर दुबे ने कहा, "अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें तेज गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन स्ट्राइक बदलने और खेल के बारे में उनकी सोच को धोनी की सलाह ने बदला है और उसी वजह से वह दबाव की स्थिति में भी अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं."

उन्होंने कहा, "जब मैं पहली बार आईपीएल में आया, तो मुझे तेज गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा और मैं गेंद को अच्छी तरह से हिट नहीं कर पाता था. मुझे एहसास हुआ कि अगर मुझे इस लेवल पर हावी होना है और मेरे पास पावर है, तो मुझे उस पर काम करने की जरूरत है. मैंने ऑफ-सीजन के दौरान काफी मेहनत की. माही भाई ने मुझसे कहा कि हर बार छक्का मारना जरूरी नहीं है. बाउंड्री और स्ट्राइक रोटेशन भी उतने ही जरूरी हैं."

शिवम ने कहा, "उनकी सलाह ने मेरी मदद की है. अगर मुझे अच्छी गेंद मिलती है, तो मैं बाउंड्री या स्ट्राइक रोटेट करने की कोशिश करता हूं. डेथ ओवर्स में, मैं नैचुरली ज्यादा तेज खेलता हूं, लेकिन पारी की शुरुआत में, मेरा फोकस स्मार्ट इंटेंट पर होता है."

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दबाव में भी शांत दिमाग

दबाव वाली स्थिति में खेलने पर दुबे ने कहा, "मुझे दबाव महसूस नहीं होता. मैं मैच की स्थिति पर फोकस करता हूं. अगर विकेट गिरते हैं, तो मेरी जिम्मेदारी डीप बैटिंग करना है. अगर मैं आखिर तक टिका रहता हूं, तो मुझे पता है कि मैं आखिरी ओवर में जरूरी 10-15 रन जोड़ सकता हूं. मैं बीच के ओवरों में रिस्क लेने से बचता हूं. अगर रुककर खेलने की जरूरत होती है, तो मैं स्ट्राइक रोटेट करता हूं. अगर प्लेटफॉर्म तैयार है, तो मैं पहली गेंद से अटैक करने के लिए तैयार रहता हूं."

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