Advertisement
IPL 2026 से पहले बड़ा बदलाव: राजस्थान रॉयल्स बिक गई 1.63 अरब डॉलर में, आरसीबी की बिक्री भी तेज़
राजस्थान रॉयल्स में अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी की पहले से ही कुछ हिस्सेदारी थी. पिछले 15 से ज्यादा वर्षों में, उन्होंने एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, एआई गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक पर केंद्रित कई उद्यमों की शुरुआत की है.
Advertisement
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की पहली चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स को काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर में बेच दिया गया है.
मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने किया बड़ा खुलासा
मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राजस्थान रॉयल्स 1.63 बिलियन डॉलर में बिक गई है. तुलना के लिए, लंदन स्पिरिट, जो सबसे महंगी टीम थी, उसकी वैल्यूएशन 'द हंड्रेड' में हिस्सेदारी बिक्री के समय 370 मिलियन डॉलर थी."
Advertisement
काल सोमानी और कंसोर्टियम का खेलों से जुड़ाव
Advertisement
राजस्थान रॉयल्स में अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी की पहले से ही कुछ हिस्सेदारी थी. पिछले 15 से ज्यादा वर्षों में, उन्होंने एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, एआई गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक पर केंद्रित कई उद्यमों की शुरुआत की है. खेलों से उनके जुड़ाव में मोटर सिटी गोल्फ क्लब की सह-मालिकाना हक और टीमएमआरडब्ल्यू स्पोर्ट्स और जीजीएल गोल्फ लीग जैसे बिजनेस में शुरुआती दौर का निवेश भी शामिल है.
'एनडीटीवी प्रॉफिट' की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा हो चुका है. उम्मीद है कि आईपीएल 2026 के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा. यह अधिग्रहण 2026 के टूर्नामेंट के बाद पूरा होगा. इस कंसोर्टियम को वॉलमार्ट परिवार के रॉब वाल्टन और हैम्प परिवार का भी समर्थन प्राप्त है, जिनके पास डेट्रॉइट लायंस का बहुमत मालिकाना हक है. इसके अलावा, फोर्ड परिवार की सदस्य शीला फोर्ड हैम्प भी इस समूह से जुड़ी हुई हैं.
Advertisement
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), जो फिलहाल बिक्री के लिए उपलब्ध है, उसके सौदे के भी जल्द पूरा होने की संभावना है.
आरसीबी का भविष्य
आरसीबी को खरीदने में जिन पक्षों ने रुचि दिखाई है, उनमें ब्लैकस्टोन, आदित्य बिड़ला समूह और डेविड ब्लिट्जर की साझेदारी शामिल है. इसके अलावा रंजन पाई के नेतृत्व वाला मणिपाल कंसोर्टियम (जिसमें कोहलबर्ग क्रैविस रॉबर्ट्स और टेमासेक शामिल हैं) भी दौड़ में है. स्वीडन की प्राइवेट इक्विटी फर्म ईक्यूटी भी इस रेस में मौजूद है.
Advertisement
इससे पहले, 'स्टेट ऑफ प्ले' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नौ पक्षों ने 1 अरब डॉलर से लेकर 1.8 अरब डॉलर तक की बोलियां लगाई हैं. यह दिखाता है कि आरसीबी फ्रेंचाइजी को लेकर काफी गंभीर रुचि है. मैनचेस्टर यूनाइटेड के मालिक ग्लेजर ब्रदर्स की बोली भी सबसे ऊंची बोली लगाने वालों में मानी जा रही है. जनवरी में, फार्मा टायकून अदार पूनावाला ने कहा था कि वह आरसीबी का मालिकाना हक हासिल करने के लिए एक 'मजबूत और प्रतिस्पर्धी' बोली लगाएंगे.
यह भी पढ़ें