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IPL में उभरा नया सितारा: मुकुल चौधरी की विस्फोटक पारी ने दिलाई एलएसजी को ऐतिहासिक जीत
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) हमेशा से युवा प्रतिभाओं के लिए एक ऐसा मंच रहा है, जहां से खिलाड़ी रातों-रात स्टार बन जाते हैं। हर सीजन में कोई न कोई नया चेहरा अपनी चमक बिखेरता है, और इस बार यह काम किया है 21 वर्षीय मुकुल चौधरी ने, जिन्होंने अपने साहसिक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंका दिया
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) प्रतिभावान युवाओं के लिए ऐसा मंच है जो उन्हें रातों-रात वैश्विक स्तर पर छा जाने का अवसर देता है. हर सीजन में कई युवा खिलाड़ी आईपीएल के माध्यम से सामने आते हैं और अपनी असाधारण प्रतिभा से पूरी दुनिया को चकित कर देते हैं. गुरुवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के बीच ईडन गार्डेन्स में हुए मुकाबले में एलएसजी की तरफ से एक ऐसा ही करिश्माई प्रदर्शन 21 साल के मुकुल चौधरी ने किया.
केकेआर ने एलएसजी के सामने जीत के लिए रखा 182 रन के लक्ष्य
182 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही एलएसजी ने 12.5 ओवर में 104 रन पर अपने 5 विकेट गंवा दिए थे. सातवें बल्लेबाज के रूप में बल्लेबाजी के लिए मुकुल चौधरी आए. इस समय टीम को 43 गेंदों में जीत के लिए 78 रन चाहिए था. 16 ओवर के बाद स्कोर 7 विकेट पर 128 रन था. आखिरी 24 गेंदों पर एलएसजी को जीत के लिए 54 रन चाहिए थे. क्रीज पर मुकुल चौधरी के साथ आवेश खान थे.
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मुकुल चौधरी की सिर्फ यह दूसरी पारी थी और उनके साथ और आने वाले सभी खिलाड़ी गेंदबाज थे. इसलिए मैच में एलएसजी के लिए संभावना कम लग रही थी, लेकिन यहीं से मुकुल ने गेयर बदला और अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन किया.
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आखिरी 3 ओवर में एलएसजी को जीत के लिए चाहिए थे 43 रन
6 गेंदों पर 2 रन बनाकर खेल रहे मुकुल चौधरी ने 17वें ओवर में 11 रन बनाए. इसमें 1 छक्का और 1 चौका शामिल था। चौधरी ने स्ट्राइक अपने पास रखी थी. आखिरी 3 ओवर में एलएसजी को जीत के लिए 43 रन चाहिए थे. 18वें ओवर में मुकुल चौधरी ने कार्तिक त्यागी को 2 छक्के सहित 13 रन मारे और फिर स्ट्राइक अपने पास रखी. 19वां ओवर कैमरन ग्रीन लेकर आए. मुकुल ने इस ऑस्ट्रेलियाई के ओवर में 2 छक्के और 1 चौका सहित 16 रन बनाए.
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आखिरी ओवर में एलएसजी को 14 रन चाहिए थे. आवेश खान ने पहली गेंद पर मुकुल को सिंगल दे दिया. इसके बाद मुकुल ने वैभव की दूसरी और पांचवीं गेंद पर छक्का लगा दिया. आखिरी गेंद पर मुकुल और आवेश ने सिंगल लेते हुए टीम को मैच जीता दिया. 16वें ओवर के अंत में 6 गेंदों पर 2 रन बनाकर खेल रहे मुकुल ने अगली 21 गेंदों पर 7 छक्के और 1 चौका लगाया. वह 27 गेंदों पर 54 रन की नाबाद पारी खेलकर और टीम को 3 विकेट से यादगार जीत दिलाकर लौटे. एलएसजी को जीत मिल गई थी और भारतीय क्रिकेट को एक और होनहार क्रिकेटर.
मुकुल की इस साहसिक पारी की क्रिकेट के दिग्गजों ने तारीफ की.
मैच के बाद मुकुल ने अपनी कहानी सुनाते हुए बताया कि उनका क्रिकेटर बनना उनके पिता का सपना था. उन्होंने कहा, "मेरा सफर तब शुरू हुआ जब मेरे पापा की शादी भी नहीं हुई थी, उनका सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले."
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महेंद्र सिंह धोनी को अपना आदर्श मानने वाले मुकुल ने कहा कि उन्हें बचपन से छक्के लगाना पसंद है. वह जमीनी शॉट खेलना कम पसंद करते हैं. उनकी बल्लेबाजी को देखते हुए उनमें धोनी जैसा आत्मविश्वास और धैर्य दिख रहा था, और मैच भी वह धोनी की तरह ही फिनिश करके के गए. उनके हेलीकॉप्टर शॉट ने भी उनमें धोनी की झलक दिखाई. मुकुल कड़ी मेहनत करते हैं और प्रतिदिन 100-150 छक्के लगाने का अभ्यास करते हैं. इसी वजह से उनकी पावर-हिटिंग क्षमता निखरी है.
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज के क्रिकेट करियर में उनके पिता का बड़ा योगदान रहा है. उनके पिता दलीप चौधरी ने उन्हें क्रिकेटर बनाने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी और आर्थिक जोखिम उठाए. उनकी मां सुनीता ने भी पूरा समर्थन दिया—सुबह जल्दी उठकर दिनचर्या संभालना और बेटे की ट्रेनिंग पर ध्यान देना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था.
मुकुल चौधरी की क्रिकेट यात्रा
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मुकुल की क्रिकेट यात्रा आसान नहीं रही है. राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले इस खिलाड़ी के करियर की शुरुआत पहले मध्यम गति के तेज गेंदबाज के रूप में सिक्किम में हुई थी जहां बेहतर सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन बाद में उन्होंने विकेटकीपिंग और आक्रामक बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित किया और दिल्ली और गुरुग्राम जाकर मैच खेले और खुद को निखारा. 2023 में उन्होंने राजस्थान के लिए प्रथम श्रेणी और टी20 में, जबकि 2025 में लिस्ट ए में डेब्यू किया था.
2025-26 सीजन में सीके नायडू ट्रॉफी में 617 रन बनाकर उन्होंने खुद को साबित किया. इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें आईपीएल तक पहुंचा दिया. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 198.85 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे. इस वजह से उन पर आईपीएल फ्रेंचाइजियों का ध्यान दिया और आईपीएल 2026 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा.
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6 अगस्त 2024 को झुंझुनू (राजस्थान) में जन्मे मुकुल चौधरी के बारे में एलएसजी में उनके साथी अर्जुन तेंदुलकर ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि आने वाले दिनों में वह बड़े स्टार बन सकते हैं. मुकुल ने केकेआर के खिलाफ मैच में अपनी क्षमता, अपने माता-पिता के सपने के साथ ही अर्जुन की बात को भी सही साबित कर दिया। आगामी मैचों में उनके प्रदर्शन पर फैंस की नजर रहेगी.