बच्चों की प्लेट को जितना रंग-बिरंगा बनाया जाए, उतना ही उन्हें अलग-अलग खाद्य पदार्थ आजमाने में रुचि हो सकती है। इसे आप रेनबो प्लेट की तरह बना सकते हैं। बच्चों की प्लेट में गाजर, मटर, पालक, शकरकंद और चुकंदर जैसी सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। फलों में केला, स्ट्रॉबेरी, नाशपाती, संतरा, खरबूजा और एवोकाडो जैसे विकल्प दिए जा सकते हैं, हालांकि सिर्फ फल और सब्जियां ही पर्याप्त नहीं हैं। बच्चों की डाइट में प्रोटीन, डेयरी और साबुत अनाज जैसे दूसरे पोषक खाद्य पदार्थ भी शामिल होने चाहिए।
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लाइफस्टाइल11 Aug, 202602:35 PMउम्र के हिसाब से बच्चे की डाइट क्या और कितनी होनी चाहिए? जानिए सही पोषण और मात्रा
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राज्य03 Aug, 202611:21 AMमानसून सत्र से पहले CM योगी की विपक्ष से अपील, बोले- जनहित के मुद्दों पर हो स्वास्थ्य चर्चा
सीएम योगी ने हेलीकॉप्टर जैसे बने मॉडल के भीतर बैठकर उत्तर प्रदेश के इतिहास व विरासत को संजोती धार्मिक तस्वीरों को देखा. यूपी की आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य आदि की झलक भी देखी. उन्होंने पॉडकास्ट स्टूडियो का अवलोकन किया.
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लाइफस्टाइल21 Jul, 202608:49 AMसिर्फ मीठी चीज़ें छोड़ना ही हेल्दी नहीं, इन पैक्ड फूड्स में भी है ऐडेड शुगर जो सेहत को पहुंचा रहा नुकसान
फलों, दूध और दही जैसी प्राकृतिक चीजों में जो चीनी होती है, उसे नेचुरल शुगर कहा जाता है। ये शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं मानी जाती, क्योंकि इन खाद्य पदार्थों में फाइबर, विटामिन, मिनरल और दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। दूसरी ओर, प्रोसेस्ड या पैक्ड फूड में जो चीनी अलग से मिलाई जाती है, उसे ऐडेड शुगर कहा जाता है। यही चीनी जरूरत से ज्यादा खाने पर मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग और कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है।
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लाइफस्टाइल20 Jul, 202601:53 PMये आदत अपनाएंगे तो नहीं होंगे जल्दी बूढ़े! रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
विशेषज्ञों का मानना है कि सांस्कृतिक गतिविधियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये लोगों के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकती हैं। थिएटर, संगीत कार्यक्रम, कला प्रदर्शनियों या अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेने से लोगों के सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं, अकेलापन कम हो सकता है और मानसिक तनाव घट सकता है। ये सभी चीजें शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।
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राज्य13 Jul, 202607:26 PMयूपी के स्कूलों में चलेगा ‘माई हेल्थ वर्ल्ड’ अभियान, बच्चों को सिखाई जाएगी स्वस्थ जीवनशैली
सरकार का मानना है कि विद्यालय बच्चों में स्वस्थ आदतों के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं. इसी सोच के अनुरूप स्वास्थ्य शिक्षा, पोषण जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को विद्यालयी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है. इससे विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित होगा और उनका सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होगा.
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